घुटनो का दर्द ! ओपरेशन पहला नही, अंतिम विकल्प ?

वर्तमान समय में घुटनों का दर्द वृद्धावस्था में ही नही बल्कि युवावस्था में भी बड़ी समस्या बन चुकी है | अस्वस्थ घुटनों से व्यक्ति की सम्पूर्ण दिनचर्या पर बहुत बड़ा प्रभाव देखने को मिल जाता है | क्योकि जब भी हम खड़े होते है , तब हमारे सम्पूर्ण शरीर का वजन घुटनों को ही उठाना पड़ता है |

इसलिए इनके उपचार में भी थोडा समय ज्यादा लगने की सम्भावना रहती है | फिर भी आयुर्वेद व प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा हमे काफी बेहतर परिणाम मिल रहे है |

श्री दयाल स्पाइन केयर सेण्टर जयपुर

वर्तमान समय में इंसान आधुनिक चिकित्सा की अत्यधिक प्रचारता के दुष्परिणामस्वरूप लोग आधुनिक चिकित्सा से इतना वशीभूत हो गया है की उन्हें हमारी पुरातन चिकित्सा पद्धतियों से पहले आधुनिक चिकित्सा की शल्यचिकित्सा दिखती है जिसके दुष्परिणामों से भलीभांति परिचित होने के बाद भी वही जाकर रुकते है | और कई बार शल्यचिकित्सा के बाद पहले से भी अधिक रोग की समस्या को बढ़ते हुए हमने देखा है |

फिर ये कहावत चरितार्थ होती हुई नजर आती है “अब पछतावे होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत “ अर्थातः जब सही समय पर सही चिकित्सा पद्धति का चयन नही करके शल्यचिकित्सा को चुना और जीवन पर्यन्त बेड रेस्ट करने का सोभाग्य मिला |

इसी लिए सबसे पहले हमे हमारी अपनी पैथी पर विश्वास करना चाहिए  यदि रोग की अवस्था अधिक बिगड़ चुकी है और प्राकृतिक चिकित्सा आयुर्वेद आदि से परिणाम नही मिल रहे हो तब उसके बाद शल्यचिकित्सा के बारे में विचार करना चाहिए |  

घुटनों दर्द का कारण

यूरिक एसिड

यूरिक एसिड के बढने से गठिया रोग की उत्पत्ति होती है यूरिक एसिड की सामान्य रेंज 3.5 से 7.2 तक होती है यदि यह रेंज 7.2 से अधिक जाती है तो आपको गठिया के साथ साथ शरीर के अन्य जोड़ो में भी दर्द की सम्भावना बढ़ जाती है |

कैल्शियम की कमी

वर्तमान समय में अकार्बनिक वस्तुओ के सेवन से हमे सम्पूर्ण पोषण नही मिल पाता है जिसके परिणामस्वरूप कैल्शियम की कमी हो जाती है जिससे शरीर में थकान व घुटनों में दर्द और पिण्डलियो में दर्द बना ही रहता है |

ऑस्टियोआर्थराइटिस

हड्डियों में होने वाला गठिया इसमे पीड़ित व्यक्ति को असहनीय दर्द सुजन और जलन होती है

कंडरा शोथ या कंडरा प्रदाह

यह घुटने के आगे वाले भाग अर्थात पटेला को प्रभावित करता है | जिसमे सुजन और जलन का अहसास बना रहता है | और लम्बे समय तक उचित उपचार के आभाव में धीरे धीरे पटेला अपनी गति को कम करते जाता है जैसे जैसे पटेला पनी गति कम करता है वैसे वैसे दर्द बढ़ता ही जाता है |

पेटेलोफिमोरल पेन सिंड्रोम

ऐसी स्थिति जिसमे घुटने का जरूरत से कही अधिक उपयोग किया जाता है और पेटला के नीचे जो आर्टिकुलर कार्टिलेज रहता है वो धीरे धीरे कम होने लगता है  और ऐसी स्थिती में घुटने की कैप के नीचे वाली नर्म हड्डी दूसरी अन्य हड्डियों से रगड़ खाने से दर्द होने लगता है | इस प्रकार की समस्या युवा और महिलाओ में अधिक देखने को मिल रही है |

रुमेटाईड आर्थराइटिस

हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता के कम होने से शरीर के सभी जोड़ो में दर्द सुजन के साथ ही साथ उठते बैठते समय चटकने की या चट–चट की आवाज आने लगती है |

डिस्लोकेशन

बोन की सामान्यावस्था से दूर हो जाना | ऐसी स्थिति में घुटने की दोनों बोनो के बीच की सामान्य दुरी असामान्य होने के साथ ही साथ  दाये बांये खिसक जाती है जिसमे अत्यंत भयंकर पीड़ा होती है |

लिगामेंट फ्रेक्चर

चलते दोड़ते या सीडिया चढ़ते समय गिरने आदि से घुटने पर चोट लगने से लिगामेंट में फ्रेक्चर होना सामान्य सी बात हो गई हो जिसका बड़ा कारण यह है की आज की वर्तमान आधुनिक परीवश में खाने में अपोष्टिक आहार का सेवन बड़े शोक से कर रहे है | जिससे हारे शरीर को कैल्सियम , मैग्नीशियम , आयरन आदि की पूर्ति नही मिल पाती जिससे हमारी हड्डिय कमजोर रहती है और थोडा गिरने आदि से ही हड्डिय टूट जाती है |

बोन ट्यूमर

घुटने की आसपास की बोन में  में ट्यूमर होने से भी घुटनों में अत्यधिक दर्द होने लगता है |

घुटनों के दर्द के बेहतर घरेलू इलाज

  1. घुटनों के दर्द से राहत पाने के लिए अर्क की जड़ से काली मिट्टी निकाल कर  रात को भिगोये व सुबह गर्म पानी में लेप बना कर घुटनों पर लगाये नियमित एक माह के बाद आपको काफी अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे |
  2.  घुटनों के दर्द  जिस रोगी को गठिया हो उसके लिए यह प्रयोग काफी फायदेमंद होगा – दशांग लैप , धनिया पाउडर , नारियल पाउडर , दानामैथी पाउडर , आदि को मिला कर तिल तेल में फ्राई करले बाद में निम्बू का रस डाल कर गर्म गर्म कॉटन में डाल कर घुटनों पे बांध ले और सुबह निकाल कर गर्म पानी से साफ करले | घुटने दर्द के साथ सूजन में भी आराम मिलता है |
  3. दालचीनी पाउडर , खाने का चुना , शहद,  आदि का लैप बनाकर घुटनों पर लगाने से भी काफी अच्छे परिणाम देखने को मिले है |
  4. पांच मिनट गर्म पानी का सेक करे तत्पश्चात तीन मिनट ठंडे पानी से सेक करे कुछ ही दिनों में घुटनों का दर्द ठीक होने लगेगा |
  5. घुटनों के दर्द के लिए दर्दनिवारक तेल घर पर बनाने के लिए लहसुन , अदरक , अर्क पत्र , धतुर पत्र , संह्जन पत्र , निर्गुन्डी पत्र आदि को तिल तेल में अच्छे से जला ले , हल्का गर्म रहने पर कपूर पाउडर , व अजवायन सत्व डालकर किसी बर्तन में भरके रखले और जब भी दर्द हो दर्द वाले स्थान पर लगाये | 

घुटनों के दर्द की प्राकृतिक चिकित्सा 

घुटनों से परेशान रोगी को सबसे पहले एनिमा देकर पेट की सफाई करवा देनी चाहिए | साथ ही साथ पहले ही दिन से कम से कम पांच दिन का रोगी को उपवास करवाना चाहिए |

जिसमे केवल रसाहार का ही सेवन करवाए | पांच दिन के बाद मोषमी फल और सब्जियों के आधार पर दो दिन के लिए आहार की व्यवस्था  का निर्धारण करना चाहिए | प

हले ही दिन से रोगी के घुटनों का गर्म पट्टी से लपेट लगाना चाहिए | यदि घुटनों पर सुजन है तो काली मिट्टी व अर्क की जडो से निकली हुई मिट्टी का गर्म लेप लगाना चाहिए |

ओस्टियो आर्थराइटिस नही है तो दर्द निवारक तेल की मालिश करनी चाहिए | दर्द निवारक तेल बनाने के लिए लहसून ,कलोंजी,अदरक, लोंग, धतूरे के पत्ते, सफेदे के पत्ते ,निर्गुन्डी के पत्ते , सह्नजं के पत्ते आदि को तिल तेल में उबाल कर घर पर ही तैयार करने के बाद उपयोग में लेवे यह तेल शीघ्र दर्द निवारक है |  

घुटनों के दर्द में लाभदायक योग

  1. पर्वतासन
  2. त्रिकोणासन
  3. पादहस्तासन
  4. उस्ट्रासन
  5. मकरासन
  6. अश्व-संचलासन
  7. वीरासन
  8. वीरभद्रासन
  9. सेतुबंधासन

घुटनों के दर्द का आयुर्वेदिक  इलाज

घुटनो के दर्द में लाभदायक आयुर्वेदिक दवाइया 

 घुटनों का दर्द वात प्रधान रोगों की श्रेणी में आता है इस लिए इसका उपचार भी वात रोगों के समान ही की जाती है | घुटनों के दर्द में गुग्गुल प्रयोग बहुत ही लाभदायक रहते है | जैसे योगराज गुग्गुल , त्र्योदसांग गुग्गुल , वातारी गुग्गुल , त्रिफला गुग्गुल ,शोथारी गुग्गुल , आदि |

वात्ग्जान्कुस रस , महावातविध्वंसक रस , स्वर्ण सूतशेखर रस , वातकुलान्तक रस , महारास्नादी काढ़ा , दशमूल काढ़ा , एरंडमुलादी काढ़ा , अश्वगंधारिष्ट , अजमोदादी चूर्ण , एरंड भृष्ट हरीतकी चूर्ण , पंचसकार चूर्ण , कामदुधा रस , सूतशेखर रस सादा , अविपत्तिकर चूर्ण , आदि का सेवन चिकित्सक के परामर्श के उपरांत निमित सेवन करने से आप निश्चित ही घुटने के दर्द से छुटकारा पा पाओगे |

आयुर्वेदिक दवाओ का सेवन चिकित्सक की देखरेख में ही करे |  

किसी भी उपचार को आजमाने से पहले सम्बन्धित चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले |

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धन्यवाद !

घुटने दर्द से सम्बंधित किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए हमसे सम्पर्क कर सकते है |

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