नकसीर या नाक से खून बहने (EPISTAXIS ) की आयुर्वेदिक चिकित्सा व घरेलू उपाय

नकसीर या नाक से खून बहने (EPISTAXIS ) की आयुर्वेदिक चिकित्सा व घरेलू उपाय 

नकसीर या नाक से खून बहना “रक्तपित्त” का एक भेद है जिसमे नासिका गुहा में अनेको उपद्र्व्यो की उपस्थिति के कारण वह की त्वचा अत्यंत मृदु हो जाती है जिसके कारण नाक पर थोडा सा प्रेशर लगने से ही नाक से खून बहने लगता है |

नकसीर के अनेको कारण जैसे पुराना जुकाम ,नासर्बूद ,नाक के अंदर फुन्सिया आदि | नकसीर शरीर में बढ़ी हुई गर्मी का ही दुष्परिणाम होता है जो व्यक्ति अत्यधिक उष्ण पदार्थो का सेवन करते हे उन्हें अक्सर नकसीर की समस्या हो जाती है |

नकसीर
image – patrika.com

नकसीर को मुख्यत:रक्तपित्त का ही प्रकार माना गया है | रक्तपित्त मुख्यत: दो प्रकार का होता है उर्ध्व व अधो अर्थात जो रक्त कान,नाक,मुख आदि मार्गो से बहे वह उर्ध्व रक्तपित्त कहलाता है अर्थात नाक से बहने वाले रक्त को नकसीर के नाम से पुकारा जाता है |

जिन व्यक्तियों को नकसीर या नाक से खून बहता है उनके नासिका द्वार में झिल्लिया मृदु हो जाती है जिनके अनेको कारण हो सकते है | नासिका से बहने वाले खून को कफज रक्तपित्त माना गया है |कफ़ से युक्त रक्तपित्त आमाशय में जाकर उर्ध्वगामी होता है |

जो वायु से अनुगत हुआ पक्वाशय में जाकर अधोगामी होता है ,आमाशय में जाने वाले रक्त का सहयोगी कफ होता है इस लिए इसे कफज रक्तपित्त कहा जाता है | कफज रक्तपित्त साध्य होता है | कफज रक्तपित्त में खून गाढ़ा ,पीत वर्ण लिए हुए ,चिकना होता है |

नकसीर की आयुर्वेदिक चिकित्सा

आयुर्वेद में नकसीर की चिकित्सा रक्तपित्त की चिकित्सा की भांति ही करनी चाहिए | नकसीर में काम आने वाली प्रमुख औषधि

रक्तपित्तान्तक लोह ,रक्तपित्तान्तक रस ,त्रिवृतादी मोदक ,बोलपर्पटी,धान्यकादी हिम ,कामदुधा रस ,चंद्रकला रस दुर्वाध घृत ,वन्हीवेरादी काढ़ा ,अशोकारिस्ट,पुनार्नावासव,चन्दनासव,गुलकंद ,उसिरासव ,आदि का उपयोग चिकित्सक की सलाह से लेने पर नकसीर या नाक से खून बहना बंद हो जाता है |

नकसीर के घरेलू उपाय

  • अनार के फूल का के रस से नस्य लेने से नकसीर या नाक से खून का बहना रूक जाता है |
  • जंगली बेर की पत्तिया पानी में पीसकर सिर पर लगाने से नकसीर बंद हो जाती है |
  • गाय का ताजा लूनी घी प्रात नाक में टपकाने से नाक से खून का बहना अर्थात नकसीर रूक जाती है |
  • किशमिश,लोध्र,लालचंदन,और प्रियंगू का चूर्ण अडूसे के पत्तो का रस व शहद के साथ पिने से नकसीर बंद हो जाती है |
  • माजूफल का चूर्ण नाक में डालने से नकसीर आना बंद हो जाता है |
  • उड़द का आटा गुंधकर तालू पर रखने से नकसीर आना बंद हो जाता है |
  • मिट्टी ,आवले और दूब को पीसकर सिर पर लैप करने से नाक से खून गिरना बंद हो जाता है |
  • त्रिफला,कालिसर निशोथ ,पीपर,मिश्री,शहद सभी को समान मात्र में लेकर लड्डू बना ले |सुबह रोज एक लड्डू खाने से कुछ ही दिनों में नकसीर ठीक हो जाएगी |

नकसीर या नाक से खून बहने पर क्या खाये   

पुराने चावल साठी चावल ,जौ, मूंग, मसूर,सत्तू,बकरी का दूध,घी,चिरोंजी,केला,पुराना पेठा,चौलाई,अनार,खजूर,नारियल गिरी,नारियल पानी,सिंघाड़े,सफ़ेद तुम्बी,तरबूज ,किशमिश,परवल,करेले,आवले आदि का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए |

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