नेत्र रोगों में रामबाण नेत्रतर्पण या अक्षितर्पण

नेत्र रोगों में रामबाण नेत्रतर्पण या अक्षितर्पण

परिचय :- आँखों से संबन्धित रोगों की रोकथाम व रोगों के शमन के लिए पंचकर्म की एक अनुभूत व महत्वपूर्ण चिकित्सा विधि अक्षितर्पण है  | वमन, विरेचन, नस्य आदि के द्वारा शरीर का शोधन करने के बाद नेत्र तर्पण करने से आँखों से संबन्धित सभी प्रकार के दोषों का शमन शीघ्र ही होने लगता है |

आँखों के चारो और उड़द के आटे से घेरा बनाया जाता है जिसमे ओषध सिद्ध घृत को भर कर रखा जाता है यही अक्षितर्पण  या नेत्र तर्पण कहा जाता है |

अक्षितर्पण कैसे करे  :-

पंचकर्म के वमन , विरेचन, नस्य बस्ति चिकित्सा आदि के द्वारा शरीर का सम्यक शोधन करने के बाद अक्षितर्पण नेत्रतर्पण या नेत्र धारा करने की रूपरेखा बनानी चाहिए |

शोधित किये हुए शरीर पर नेत्र तर्पण, अक्षितर्पण का प्रभाव जल्दी शुरू होने लगता है |

अक्षितर्पण  में ओषध सिद्ध घृत को उड़द के आटे से आँखों के चारो और एक पाल या मेड बनाई जाती है | जिसमे बिल्कुल हल्का गुनगुना त्रिफला आदि घृत को भर के 1- 5 मिनट के लिए रखा जाता है | और धीरे धीरे आँखों को खुलवाकर आँखों का व्यायाम करवाया जाता है जिससे नेत्र गोलक के साथ साथ ओषध सिद्ध घृत आँखों के अंदरूनी भागो में अच्छे से पहुंच सके |

निश्चित समय के अनुसार कोटन से ओषध सिद्ध घृत को बहार निकाल लिया जाता है |

नेत्र धारा

नेत्र धारा कैसे करे

ओषध सिद्ध घृत को आँखों के ऊपर धारा के रूप 5-10 मिनट तक  बहाया जाता है | जिससे आँखों में विधमान सभी प्रकार के दोषों का शमन हो जाता है |

 अक्षितर्पण में सावधानिया

  1.  नेत्र तर्पण करते समय विशेष ध्यान रखने योग्य बात यह है की दोनों आँखों की पाल अलग अलग बनानी आवश्यक है |
  2.  नेत्र तर्पण करने के बाद जब ओषध सिद्ध घृत को निकलो तब विशेष ध्यान रखे की एक आँख का घृत दूसरी आँख में नही जाना चाहिए |

यदि ऐसा हो जाता है तो एक आँख का इन्फेक्शन दूसरी आँख में फैलने का खतरा बढ़ जाता है |

  • अक्षितर्पण के पश्चात रोगी को सभी अपथ्य के बारे में अच्छे से समझा देना चाहिए |
  • रोगी को धुल , धुप या अधिक प्रकाश वाले स्थान पर बिलकुल नही जाने देना चाहिए | 
  • तर्पण के तुरंत बाद आँखों के पानी नही लगाना चाहिए |
  • बताए अनुसार पथ्य-अपथ्य का भलीभांति सेवन करना चाहिए |

अक्षितर्पण के फायदे / नेत्र धारा के फायदे

  • नेत्र आँखों से सम्बन्धित  सभी प्रकार के रोगों में लाभकारी |
  • आँखों के नीचे काले घेरे (dark circle) को मिटाने में चमत्कारिक परिणाम                
  •  दूर दृष्टि दोष
  • निकट दृष्टि दोष
  • नेत्र ज्योतिवर्द्धक
  •  चश्मे का नंबर कम होता है
  •  लगातार नजर गढ़ा कर किसी बारीक़ काम को करने , कंप्यूटर मोबाइल , लिखने पढ़ने  टी.वी. देखने से आँखों में उत्पन्न होने वाले ड्राईनेस को ठीक करता है |
  • आँखों के सामने झुंझलापन |
  • आँखों में लालिमा | 

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