स्लिप डिस्क का आयुर्वेदिक रामबाण इलाज

स्लिप डिस्क का आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट

स्लिप डिस्क क्या है ? (what is slip disc)

वास्तव में यदि देखा जाये तो स्लिप डिस्क कोई स्वतंत्र रोग नही होता है | बल्कि शरीर रचना तन्त्र में उत्पन्न हुई तकनीकी खराबी होती है | वास्तविकता से देखा जाये तो डिस्क कभी भी स्लिप नही होती है बल्कि स्पाइनल कॉर्ड से न्यूक्लियस पल्पोसस नामक गाढ़ा द्रव बहार आ जाता है | यह गाढ़ा द्रव जब बहार की और कोंनेक्टिव टिश्यूज से बहार निकल जाता है साथ ही बढ़ा हुआ हिस्सा स्पाइनल कॉर्ड पर दबाव डालता है | तो व्यक्ति को असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है | साथ ही बढती हुई उम्र के साथ साथ यह गाढ़ा द्रव न्यूक्लियस पल्पोसस सूखने लगता है | जिसकी वजह से पैरो में दर्द और सूनापन रहने लगता है |

स्लिप डिस्क का इलाज
स्लिप डिस्क का इलाज

वर्तमान समय में यदि देखा जाये तो लगभग 35 प्रतिशत लोग स्लिप डिस्क की समस्या से जूझ रहे है | किन्तु सही चिकित्सा नही मिलने से उनकी समस्या दिनों दिन बढती ही जाती है |

डिस्क की रचनात्मक कार्यप्रणाली

पृथ्वी पर उपस्थित सभी जीव जन्तुओ के शरीर के संतुलन को बनाये रखने में रीढ़ की हड्डी का अपना एक महत्वपूर्ण और विशेष कार्य होता है | हमारी स्पाइन में 30 वर्टिब्रा (सर्वाइकल -8, थोरासिक-12, लंबर – 5, सेकरल-5) स्थापित होती है, जो बहुत ही सॉफ्ट डिस्क के द्वारा एक दुसरे से जुडी हुई रहती है ये छोटी छोटी हड्डियों से मिलकर बनी होती है | इन छोटी हड्डियों के मध्य एक गद्दीदार/लचीली/गाढे द्रव्य युक्त डिस्क स्थापित रहती है जो हमारे स्पाइनल कार्ड की हमारे द्वारा कुछ भी शारीरिक काम करने पर लगने वाले  झटको से सुरक्षा करती है | कमर दर्द के अधिकांश रोगियों में सबसे ज्यादा वर्टिब्रा संख्या 4-5 ( L4 , L5,) में सबसे अधिक समस्या देखी जाती है |

हमारी स्तम्भ रूपी रीढ़ को लचकदार बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है | इस लचीलेपन की  ही बदोलत है की हम हमारे शरीर को दायें-बांये आगे-पीछे आसानी से घुमाते हुए आसानी से हमारे दैनिक दिनचर्या के कार्यो को भली भांति सम्पन्न करते है, किन्तु जब इसमें किसी कारण वश या ये कहें की हमारे द्वारा की हुई किसी गलती के कारण इसमें विकार/दोष उत्पन्न होने लग जाते है, विकार कहे तो त्रिदोषों की विषमावस्था की उत्पत्ति के फलस्वरूप निम्न उपद्र्व्य दिखाई देने लगते है, जिनमे सुजन आना या दर्द का लगातार बना रहना डिस्क का फैलाव हों जाना जिससे डिस्क अपनी सामान्य सीमाओ से कुछ हद तक बहार की ओर निकल जाती है |

परिणामस्वरूप डिस्क के बाहरी आवरण में विकार उत्पन्न होकर इसमें उपस्थित न्यूक्लियस पल्पोसस नामक गाढे द्रव का रिसाव होने लगता है | जिससे डिस्क के आसपास की तंत्रिकाओ (नर्व) पर गाढे द्रव के फ़ैल जाने से नर्व पर पड़ने वाले दबाव से  विकार उत्पन्न हो जाता है | इसे ही स्लिप डिस्क कहा जाता है

डिस्क प्रोलेप्स क्या है ? (what is disc prolaps)

हमारे मेरुदंड में उपस्थित प्रत्येक डिस्क के केंद्र में एक जैलिनुमा हिस्सा और बहार की और रबर वाला हिस्सा होता है | जब यह नरम आंतरिक हिस्सा किसी बाहरी या आंतरिक कारणों से रबडनुमा हिस्से से बहार निकल जाता है इसे ही डिस्क प्रोलेप्स या हर्नियेटेड डिस्क कहा जाता है |

L4, L5 व S1 क्या होता है?

L4, L5 व S1 हमारी स्पाइन का एक पैरामीटर होता है जिससे यह मालूम चलता है की स्पाइनल कॉर्ड के किस हिस्से में डिस्क स्लिप हुई है | वर्तमान समय में मेरी व्यक्तिगत प्रैक्टिस में सर्वाधिक रोगी L4, L5 व S1 से परेशान ही आते है | हमारे द्वारा स्पाइन रोगों जैसे सर्वाइकल , स्लिप डिस्क जैसे रोगियों का उपचार आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, बोन सेटिंग आदि के माध्यम से अधिकतम 20 दिन में किया जाता है | जिसकी सफलता की दर लगभग 95 % के आसपास है | यदि आप या आपके कोई मित्र इस समस्या से परेशान है और डॉ ने ऑपरेशन के लिए बोल दिया हो तो कृपया 20 दिन के लिए हमारा इलाज लेकर ऑपरेशन से बचा जा सकता है |

कमर की नस दबी हो तो क्या करे ?

अनेक रोगियों की समस्या रहती है की कमर में नस दब गयी है ऐसे में पंचकर्म चिकित्सा के साथ यदि बोनसेटिंग पद्धति का सहारा लिया जाये तो बहुत कम समय में ही अकल्पनीय परिणाम मिलते है जिससे रोगी व्यक्ति के दबी हुई नस के कारण होने वाले पैरो में सूनापन और तेज दर्द से छुटकारा मिल जाता है | ऐसे में कमर की नस दब जाने पर घबराने की आवश्कता नही है | आयुर्वेद और बोनसेटिंग द्वारा बिना ऑपरेशन आसानी से इसका इलाज संभव है |

स्लिप डिस्क का आयुर्वेद ट्रीटमेंट इन हिंदी (Slip disc ayurveda treatment in hindi)

आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, योग आदि के अलावा अल्टरनेट थेरेपी के द्वारा स्लिप डिस्क का इलाज करना बेहद आसन है | जिसका जीता जागता उदाहरण आप आयुर्वेद प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र – श्री दयाल नैचुरल स्पाइन केयर जयपुर में उपचार लिए हुए रोगियों से जान सकते हो | आयुर्वेद में वातशामक औषधियों के सेवन से तथा पंचकर्म की अनेक पद्धतियों का सहारा लेते हुए आप स्लिप डिस्क की भयंकर समस्या से बड़ी आसानी से छुटकारा पा सकते हो |

स्लिप डिस्क का आयुर्वेद इलाज
स्लिप डिस्क का आयुर्वेद इलाज

स्लिप डिस्क के इलाज में काम आने वाली प्रमुख आयुर्वेद औषधिया – त्रियोदाशंग गुग्गुल, एकांगवीर रस, त्रिफला गुग्गुल, रास्ना, एरंड मूल, जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल, पैन दयाल आयल ,एरंड भृष्ट हरीतकी, दशमूल आदि दवाओ के सेवन से लाभ मिलता है |

कमर दर्द (स्लिप डिस्क) का दर्द कोन – कौनसे आसन से दूर होता है ?

स्वस्थ व्यक्ति के लिए वैसे तो सभी प्रकार के योगासन लाभदायक होते है किन्तु स्लिप डिस्क की समस्या हो जाने पर आसनों के अभ्यास में बड़ी सावधानी रखने की जरूरत रहती है यदि एक आसन का अभ्यास भी गलत होता है तो कुछ मिनट के बाद ही आपका दर्द बढ़ने लग जायेगा ऐसे में आप किसी योग शिक्षक या प्राकृतिक चिकित्सक से परामर्श करने के बाद यदि आसनों का अभ्यास शुरू करते हो तो आपके लिए अधिक बेहतर होगा | व्यक्ति विशेष में स्लिप हुई डिस्क की स्थिति भिन्न-भिन्न होने से आसनो का क्रम भी भिन्न भिन्न होना स्वाभाविक है | स्लिप डिस्क में उपयोगी आसन – मर्कटासन, भुजंगासन, अर्ध शलभासन, अर्ध पवनमुक्तासन, वायु मुद्रा, कपालभांति, अनुलोम विलोम, ध्यान,

स्लिप डिस्क में सावधानी

जिस किसी भी व्यक्ति को कमर दर्द या स्लिप डिस्क की समस्या रहती है उन्हें अधिक सावधानी रखने की जरुरत होती है |

  • जैसे अधिक मिर्च मसाले युक्त भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए |
  • आपको लम्बी दूरी का सफर दुपहिया वाहन से नही करना चाहिए |
  • जब भी आप गाडी चलाते हो तो आपको अपनी कमर को सही सामान्य अवस्था में रखने से आपका दर्द बढने से बच जायेगा |
  • सोते समय अपने घुटनों के बीच तकिया अवश्य लगाये |
  • ब्रह्मचर्या का पालन करना चाहिए अर्थात सम्भोग से बचना चाहिए |
  • अधिक परिश्रम वाले काम को नही करना चाहिए |
  • भारी सामान को सामने झुककर उठाने से आप अधिक तकलीफ़ में पड़ सकते हो |

कमर दर्द , स्लिप डिस्क, गर्दन दर्द , घुटनों के दर्द आदि के चिकित्सा का विश्वनीय स्थान श्री दयाल नैचुरल स्पाइन केयर जयपुर में आयुर्वेद प्राकृतिक चिकित्सा योग, बोनसेटिंग पद्धति से स्पाइन सम्बन्धी सभी रोगों का इलाज सफलता पूर्वक बहुत ही कम समय में किया जाता है |

डॉ.रामहरि मीना

निदेशक -श्री दयाल नैचुरल स्पाइन केयर

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