Monthly Archives: January 2019

मधुमेह (डायबिटीज) में प्राकृतिक चिकित्सा के चमत्कारिक परिणाम -मेरा शोध (स्वअध्ययन)

मधुमेह परिचय वर्तमान समय में बिगड़ी हुई दिनचर्या अनेको लाइफस्टाइल डिसऑर्डर  सम्बन्धी अनेको रोगों को निमंत्रण दे रही है जिनमे मधुमेह भी एक बहुत भयंकर रोग है | मनुष्य शरीर में पैंक्रियाज ठीक से कार्य नही करता है ऐसी स्थिती में इन्सुलिन की ठीक से सप्लाई नही होने से रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढना […]

कपालभाती

हठयोग प्रदीपिका के अनुसार कपालभाती को षट्कर्म की छ:क्रियाओ में सम्मिलित किया गया है,जिनके माध्यम से शरीर के अंदर जमा विजातीय द्रव्यों को बहार निकाला जाता है |कपालभाती के सम्बन्ध में अनेको लोग प्रचार करते है की कपालभाती  प्राणायाम है | जबकि सच तो यह है कि कपालभाती  शरीर  शोधन(शुद्धि) की षट्कर्म की एक महत्वपूर्ण […]

वात,पित्त ,कफ़ त्रिदोषानुसार आहार चिकित्सा

 आयुर्वेदाचार्यो ने शारीरिक दोषों की संख्या तीन बताई है वात पित्त और कफ | ये तीन दोष जब तक साम्यावस्था में रहते है तब तक तब तक हम स्वस्थ है किन्तु इनके प्रकुपित होने की स्तिथि में संभवतः रोगोत्पत्ति की सम्भावना बनी रहती है | वात पित्त कफ दोषों से अनेको रोगों की उत्पत्ति होती […]

स्लिप डिस्क क्या है ? कारण,लक्षण,वैज्ञानिक आधारित चिकित्सा एवं सावधानिया |

पृथ्वी  पर उपस्थित सभी जीव जन्तुओ के शरीर के संतुलन को बनाये रखने में  रीढ़ की हड्डी का अपना एक महत्वपूर्ण  और विशेष कार्य होता है | हमारी स्पाइन में 26 वर्टिब्रा स्थापित होती है , जो बहुत ही सॉफ्ट डिस्क के द्वारा एक दुसरे से जुडी हुई रहती है ये छोटी छोटी हड्डियों से […]

शास्त्रोक्त पंचकर्म क्या है ? पंचकर्म का वैज्ञानिक आधार/सिद्धांत, फायदे, नुकसान व सावधानिया

शास्त्रोक्त पंचकर्म क्या है ? पंचकर्म का  वैज्ञानिक आधार/सिद्धांत ,फायदे,नुकसान व सावधानिया क्या होता है पंचकर्म पंचकर्म दो शब्दों पंच+कर्म  से मिलकर बना है जिसका अर्थ होता है पंच यानि पांच और कर्म यानि क्रियाये  अर्थात् जिसके अंतर्गत पांच क्रियाओ के माध्यम से शरीर को स्वस्थ रखा जाता है | पंचकर्म आयुर्वेद की एक ऐसी […]

भ्रामरी प्राणायाम विधि,सिद्धांत,लाभ,सावधानिया

neel

भ्रामरी प्राणायाम परिचय :- भ्रमर का  तात्पर्य ‘’भोंरा’’ होता है इस प्राणायाम को भ्रामरी इस लिए कहा जाता है कि रेचक करते समय जो ध्वनि या आवाज होती है वह भोंरे की आवाज के समान होती है |भंवरे की आवाज जितनी मधुर होती हैं इसके अभ्यास से भी उतने ही अधिक लाभ प्राप्त होते हैं। […]