Category Archives: Uncategorized

भ्रामरी प्राणायाम विधि,सिद्धांत,लाभ,सावधानिया

neel

भ्रामरी प्राणायाम परिचय :- भ्रमर का  तात्पर्य ‘’भोंरा’’ होता है इस प्राणायाम को भ्रामरी इस लिए कहा जाता है कि रेचक करते समय जो ध्वनि या आवाज होती है वह भोंरे की आवाज के समान होती है |भंवरे की आवाज जितनी मधुर होती हैं इसके अभ्यास से भी उतने ही अधिक लाभ प्राप्त होते हैं। […]