बृहत कस्तूरी भैरव रस के फायदे सेवन विधि और नुकसान

बृहत कस्तूरी भैरव रस के फायदे

परिचय कस्तूरी भैरव रस क्या होता है ?

कस्तूरी भैरव रस का प्रयोग मुखत: ज्वर की पुनरावृति होने पर किया जाता है अर्थात जब रोगी व्यक्ति को बुखार अन्तराल के बाद आता हो जैसे 2 दिन के बाद 5 दिन के बाद 10 दिन के बाद ऐसे रोगी के लिए एक श्रेष्ठ औषधि का काम करता है |

बृहत कस्तूरी भैरव रस के फायदे , brihat kasturi bairav ras price
बृहत कस्तूरी भैरव रस के फायदे

मृगमदशशिसूर्या धातकी शुकशिम्बी रजतकनकमुक्ता विद्रूमं लोहपाठा:|

क्रिमीरिपुघनविश्वा वारितालाभ्रधात्री रविदलरसपिष्ट्म कस्तूरी भैरवोअयम ||

कस्तूरीभैरव: ख्यात सर्वज्वरविनाशन: | आर्द्कस्य रसै: पेयों विषमज्वरनाशनम्: ||

द्व्नद्व्जान भैतीकान वापी ज्वरान कामादिसंभवान | अभिचारक्रितानश्चैव तथा शत्रुकृतान पुन: ||

निहन्याभ्द्क्षणादेव डाकिन्यादियुतांस्तथा | बिल्वचुर्णजीरकाभ्याम मधुना सह पानत: ||

आमातिसारं गृहणी ज्वरातीसारमेव च | अग्निदीप्तिकर: शांत: कासरोगनिकृन्तन 😐

क्षपयेद भक्षणा देवं मेहरोगं हलिमकम | जीर्णज्वरं नूतनं वा द्विकालिश्च्य सन्ततम ||

आक्षेपं भौतिक वाsपीहन्ति सर्वान विशेषत: | ऐकाहीकं द्वाहिकम वा त्र्याहिकम चतुराहिकम ||

पांच्याहिकम षाष्ठाहं वा पाक्षिकं मासिकं पुन: | सर्वांच ज्वरात्रिह्न्त्याशु भक्षणादाद्रकद्रवै: ||

कस्तूरी भैरव रस के घटक द्रव Brihat Kasturi bhairav ras ingredients in hindi

  • स्वर्ण भस्म
  • कस्तूरी
  • ताम्र भस्म
  • प्रवाल भस्म
  • धाय फूल
  • कपूर
  • मोती भस्म
  • कौंच बीज
  • लौह भस्म
  • पाठा चूर्ण
  • वायविडंग
  • मोथे का चूर्ण
  • सुगंधबला
  • अभ्रक भस्म
  • शुद्ध हरताल
  • आवला

बनाने के विधि

इस रस को बनाने की विधि बहुत आसन है | इसके निर्माण के लिए सबसे पहले उपर दिए हुए सभी घटक द्रव्यों को 1-1 भाग लेकर आक के पत्तो के स्वरस में 2 दिन तक खरल करके 1 रत्ती की गोलिया बनाकर सुखा ले | इस प्रकार आपका यह रस बन कर तैयार हो जाता है |

कस्तूरी भैरव रस के फायदे Brihat kastutri bhairav ras ke fayde in hindi

सभी प्रकार के बुखारो/ज्वर की चिकित्सा में बृहत कस्तूरी भैरव रस के फायदे

ऐकाहिक – जिस ज्वर की पुनरावृति एक दिन के बाद होती हो ऐसे में इसका सेवन लाभदायक सिद्ध होता है |

द्व्याहिक – जब रोगों व्यक्ति को ज्वर की पुनरावृति 2 दिन के बाद होती है उस व्यक्ति को इसका सेवन फायदेमंद रहता है |

त्र्याहिक – तीन दिन में बुखार की पुनरावृति होती हो |

चातुर्थिक – चार दिन में रोगों व्यक्ति को बुखार की पुनरावृति होती हो |

पान्च्याहिक – पांच दिन में फिर से बुखार आता हो|

षष्ठदिवसीय – 6 दिन के बाद पुन: ज्वर आये तो इसका सेवन करवाना उचित रहता है |

पाक्षिक– 15 दिन के बाद पुन: ज्वर आये तो इसका उपयोग करवाना चाहिए |

मासिक – एक महीने के बाद बार बार ज्वर आये उस व्यक्ति को इस रस का सेवन अत्यंत लाभप्रद रहता है |

आक्षेप युक्त

भूतबाधाजन्य

मधुमेह

टायफ़ायड बुखार

खांसी

आदि रोगों में यह लाभदायक सिद्ध होता है |

शीघ्रपतन का आयुर्वेदिक इलाज
शीघ्रपतन की दवा

सेवन की मात्रा और अनुपान kasturi bhairav ras uses in hindi

1-2 गोली तुलसी स्वरस, बिल्व के चूर्ण, शहद या अदरक के स्वरस के साथ या चिकित्सक के निर्देशानुसार सेवन करे |

कस्तूरी भैरव रस के नुकसान

मुख्यतः इस औषधि का कोई साइड इफ़ेक्ट नही होता है किन्तु चिकित्सक की देखरेख में सेवन करे | जिससे मात्रा का सही निर्धारण होने से आपको आपके रोग से जल्द छुटकारा मिल सके |

बृहत कस्तूरी भैरव रस का मूल्य brihat kasturi bhairav ras price

बैधनाथ वृहत कस्तूरी भैरव रस का मूल्य baidhnath brihat kasturi bhairav ras price

  • मात्रा- 10 टेबलेट
  • मूल्य price – 850/-

बेसिक आयुर्वेद बृहत कस्तूरी भैरव रस का मूल्य basic ayurveda brihat kasturi bhairav ras price

  • मात्रा – 30 टेबलेट
  • मूल्य price – 1860/-

धूतपापेश्वर बृहत मूल्य Dhootpapeshwar brihat kasturi bhairav ras price

  • मात्रा – 10 गोली
  • मूल्य प्राइस – 1060/-

किसी भी आयुर्वेद औषधि का सेवन चिकित्सक से परामर्श के बाद ही करे |

धन्यवाद !

डॉ.रामहरि मीना

निदेशक श्री दयाल नैचुरल स्पाइन केयर जयपुर

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