बुढ़ापा रोकना हुआ आसन ओस्टियोकेल्सिन हार्मोन्स रोकता है बुढ़ापे को जाने परिचय और इसके प्राकृतिक स्त्रोत

anti anging diet

परिचय

हाल ही में कोलोम्बिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कारसैंटी के पिछले 30 सालो से किये गये शोध में पता चला है की हमारे शरीर में उपस्थित ओस्टियोकेल्सिन (osteocalcin) नामक हार्मोन हमे बुढ़ापे Anti Aging Diet में होने वाले रोगों से बचाते हुए | बुढ़ापे की निशानियो को छुपाने में मददगार होता है |

anti aging diet

साथ उनकी शोध में यह भी पता चला है की इसको हम हमारे शरीर में उपस्थित हड्डियों के द्वारा ही प्राप्त कर सकते है | ओस्टियोकेल्सिन (osteocalcin in hindi) हमारी हड्डियों में पाए जाने वाला एक महत्वपूर्ण हार्मोन है | ओस्टियोकेल्सिन को एंटी एंजिग (Anti aging food) हार्मोन कहा गया है | साथ ही हड्डियों में होने वाले दर्द का जिम्मेदार भी ओस्टियोकेल्सिन (osteocalcin in hindi) की कमी को ही माना जाता है |

ओस्टियोकेल्सिन हार्मोन को कैसे बढाये (How to increase osteocalcian in hindi )

यह हार्मोन मनुष्यों में 30 वर्ष तक ही प्राक्रतिक रूप से बढ़ता है | उसके बाद इसको बढ़ाने के लिए आगे बताये जा रहे प्राक्रतिक उपायों द्वारा इसको बढ़ाया जा सकता है | इस हार्मोन की सामयावस्था आपके शरीर में आपकी बढती हुई उम्र को छुपाने में (Anti Aging Diet) अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है | अपने बुढ़ापे को छुपाने (Anti Aging Diet) में आपकी हड्डियों की स्वस्थता का अहम रोल होता है इस लिए आपको अपनी हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए आगे 10 मुख्य प्राक्रतिक डाइट के बारे में बताया जा रहा है जिनका सेवन करने से आप ओस्टियोकेल्सिन (osteocalcin in hindi) को बढ़ाने में सफल हो पाओगे | और यदि आपने ओस्टियोकेल्सिन को बढ़ा लिया तो निश्चित रूप से बुढ़ापे के (Anti Aging Diet) लक्षणों को रोकने में सफल हो जाओगे |

हड्डियों को मजबूत बनाने ( ओस्टियोकेल्सिन बढ़ाने ) के 10 प्राकृतिक स्त्रोत (10 Natural Way to Build Healthy Bone osteocalcian )

अपनी बढती उम्र को छुपाने और हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए आप भरपूर मात्रा में ऐसे फल व् सब्जियों का सेवन करे जिनमे ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन बी कॉम्पलेक्स, विटामिन डी, विटामिन के, कैल्शियम, मेगनिशियम, जिंक, आयरन आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते है | इस आर्टिकल में आज हम ऐसे फल व् सब्जियों के बारे में बतायेंगे जिनका सेवन आपके शरीर में ओस्टियोकेल्सिन की मात्रा को बढ़ाने में मददगार साबित होंगे है | 

कुल्फा

खरपतवार के रूप में उगने वाला कुल्फा एक साग होता है जो बरसात के दिनों में खरपतवार के रूप में उगता है | जिसमे ओमेगा 3 फैटी एसिड, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम, मैगनीज, जिंक, आयरन, कॉपर, विटामिन ए, विटामिन सी प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट आदि प्रचुरता में पाए जाते है | इन सबकी उपस्थिति हमारी हड्डियों में ओस्टियोकेल्सिन की मात्रा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है |

कुल्फा की सेवन विधि

1. 50 ग्राम कुल्फा के पत्तो को 500 मिली पानी में सूप बनाकर सेवन करे |

2. पालक के स्थान पर कुल्फा को दाल में डालकर सब्जी के रूप में सेवन कर सकते है | या कुल्फा की हरि सब्जी बनाकर सेवन कर सकते है |

अलसी के बीज बढाये ओस्टियोकेल्सिन

अलसी के बीजो का सेवन शरीर में ओस्टियोकेल्सिन हार्मोन को बढ़ाने में मददगार साबित होता है | अलसी शरीर में रक्तसंचार को बेहतर बनाने में अहम खाद्य पदार्थ है |

ऑलिव आयल (जैतून का तेल)

ऑलिव आयल में उपस्थित अनसैचुरेटेड फैट्स हमारी ब्लड वैसेल्स में कोलेस्ट्रोल प्लेक को रोकने के साथ साथ पाचन को दुरुस्त रखने में मददगार है | ओलिव आयल का सेवन करने वाले लोगो में  ओस्टियोकेल्सिन हार्मोन की अच्छी मात्रा पाई जाती है | तो आप भी देरी ना करते हुए अपनी डाइट में ऑलिव आयल को शामिल करे |

ब्रोंकली

ब्रोंकली विटामिन के का अच्छा स्त्रोत होता है | इसके सेवन से भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 व अन्य महत्वपूर्ण मिनरल्स की प्राप्ति हो जाती है |

चुकन्दर

चुकन्दर मूल में विटामिन ए, बी व सी प्रचूर मात्रा में पाया जाता है | इसके मूल/कंद में डाइओक्सी, शर्करा, प्रोटीन, स्टार्च, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, बेटासायनिन, फ़्लेवेनोइडस, मैथिलिन, फायटोएलेक्सिन आदि पाया जाता है | जो ओस्टियोकेल्सिन हार्मोन को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होते है | चुकन्दर के जूस के बजाय इसका सलाद के रूप में सप्ताह में तीन दिन सेवन करना अधिक लाभदायक और सुरक्षित रहता है |

चिया सीड्स

चिया सीड्स में प्रचूर मात्रा में मल्टीविटामिन्स पाए जाते जिनमे ओमेगा 3 फैटी एसिड भी शामिल है | इसका सेवन आप पाउडर के रूप में या साबूत जैसे भी आपको पसंद हो कर सकते है |

मोरिंगा

मोरिंगा में सभी विटामिन्स जैसे –विटामिन-ए, विटामिन-बी-1, बी-2, बी-3, बी-6, बी-7, विटामिन-सी, विटामिन-डी, विटामिन-इ, विटामिन-के तथा मिनरल्स जैसे जिंक, कॉपर, लोह्तत्व, मैगनीज, सिलिका आदि भी भरपूर मात्रा में पाए जाते है | मोरिंगा लगभग 96 पोषक तत्वों से भरपूर होता है | इसमे 46 प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट, 36 एंटीइंन्फ्लामेंट्री और 18 एमिनो एसिड विधमान होते है | जिनमे 9 आवश्यक एमिनो एसिड भी शामिल है | इन सबकी मोजुदगी हमारे शरीर में ओस्टियोकेल्सिन को बढ़ाने में मददगार साबित होती है |

ज्वारे (Wheet Grass )

ज्वारे में विटामिन ए, सी, ई, के, बी कोम्प्लेक्स, पोटेशियम, आयरन, मैगनीज, जस्ता आदि प्रचुरता से पाये जाते है | इन सभी पोषक तत्वों की उपस्थिति के कारण ही ज्वारे को अत्यधिक रोगों में उपयोग हेतु बताया जाता है | साथ ही प्रचुरता में एंटीओक्सिडेंट पाया जाया है |  जो की हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है |

असालिया के फायदे

असालिया को पोषण के आधार पर समझा जाये तो इसमें ओमेगा-3 की मात्रा लगभग 49% तक पायी जाती है साथ ही आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन आदि की उपस्थिति इसकी गुणवत्ता को और अधिक बढ़ा देते है |

चूना

चूना कैल्शियम का बेहतर विकल्प होता है इसका सेवन आप दही या दाल में मिलाकर सप्ताह में दो तीन बार कर सकते है | जिससे आपकी हड्डिया मजबूत हो जाएँगी |

नियमित योगाभ्यास

ओस्टियोकेल्सिन को बढ़ाने में योगाभ्यास की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है | इस हार्मोन को बढ़ाने के लिए आपको उन आसनों को अपनी योगाभ्यास में शामिल करना है जिनका प्रभाव हमारे स्पाइन पर या जॉइंट्स पर पड़ता है |

ओस्टियोकेल्सिन को बढ़ाने में सहायक योगासन

  • अर्धमत्स्येन्द्रासन
  • चक्रासन
  • मयूरासन
  • गोमुखासन
  • मर्कटासन
  • भुजंगासन
  • सूर्यनमस्कार
  • गरुड़ासन
  • कपोतासन
  • ताड़ासन
  • कुर्सीआसन
  • वज्रासन

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धन्यवाद !

डॉ.रामहरि मीना

निदेशक श्री दयाल नैचुरल स्पाइन केयर

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