हठयोग प्रदीपिका के अनुसार कपालभाती को षट्कर्म की छ:क्रियाओ में सम्मिलित किया गया है,जिनके माध्यम से शरीर के अंदर जमा विजातीय द्रव्यों को बहार निकाला जाता है |कपालभाती के सम्बन्ध में अनेको लोग प्रचार करते है की कपालभाती प्राणायाम है | जबकि सच तो यह है कि कपालभाती शरीर शोधन(शुद्धि) की षट्कर्म की एक महत्वपूर्ण […]
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वात,पित्त ,कफ़ त्रिदोषानुसार आहार चिकित्सा
आयुर्वेदाचार्यो ने शारीरिक दोषों की संख्या तीन बताई है वात पित्त और कफ | ये तीन दोष जब तक साम्यावस्था में रहते है तब तक तब तक हम स्वस्थ है किन्तु इनके प्रकुपित होने की स्तिथि में संभवतः रोगोत्पत्ति की सम्भावना बनी रहती है | वात पित्त कफ दोषों से अनेको रोगों की उत्पत्ति होती […]
स्लिप डिस्क क्या है ? कारण,लक्षण,वैज्ञानिक आधारित चिकित्सा एवं सावधानिया |
पृथ्वी पर उपस्थित सभी जीव जन्तुओ के शरीर के संतुलन को बनाये रखने में रीढ़ की हड्डी का अपना एक महत्वपूर्ण और विशेष कार्य होता है | हमारी स्पाइन में 26 वर्टिब्रा स्थापित होती है , जो बहुत ही सॉफ्ट डिस्क के द्वारा एक दुसरे से जुडी हुई रहती है ये छोटी छोटी हड्डियों से […]
शास्त्रोक्त पंचकर्म क्या है ? पंचकर्म का वैज्ञानिक आधार/सिद्धांत, फायदे, नुकसान व सावधानिया
शास्त्रोक्त पंचकर्म क्या है ? पंचकर्म का वैज्ञानिक आधार/सिद्धांत ,फायदे,नुकसान व सावधानिया क्या होता है पंचकर्म पंचकर्म दो शब्दों पंच+कर्म से मिलकर बना है जिसका अर्थ होता है पंच यानि पांच और कर्म यानि क्रियाये अर्थात् जिसके अंतर्गत पांच क्रियाओ के माध्यम से शरीर को स्वस्थ रखा जाता है | पंचकर्म आयुर्वेद की एक ऐसी […]
भ्रामरी प्राणायाम विधि,सिद्धांत,लाभ,सावधानिया
भ्रामरी प्राणायाम परिचय :- भ्रमर का तात्पर्य ‘’भोंरा’’ होता है इस प्राणायाम को भ्रामरी इस लिए कहा जाता है कि रेचक करते समय जो ध्वनि या आवाज होती है वह भोंरे की आवाज के समान होती है |भंवरे की आवाज जितनी मधुर होती हैं इसके अभ्यास से भी उतने ही अधिक लाभ प्राप्त होते हैं। […]
जाने PCOD/PCOS क्या है ? कारण,लक्षण,चिकित्सा व सावधानियां
जाने PCOD/PCOS क्या है ? कारण,लक्षण,चिकित्सा व सावधानियां PolycysticOvarian Disorder (PCOD), या Polycystic Ovarian syndrom वर्तमान समय में महिलाओकी बड़ी ही गंभीर समस्या है | जिन महिलाओ में पुरुष हार्मोन एण्ड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है उनके अंडाशय में छोटी छोटी सिस्ट्स गांठे बनने लग जाती है | सिस्ट्स के कारण ओवरी का आकर […]
चिकित्सा औषधियो से नही आहार से ही सम्भव है – आहार ओषधम
चिकित्सा औषधियो से नही आहार से सम्भव है “आहार औषधम् ‘’ अर्थात् आहार ही औषधि है | आहार स्वास्थ्य का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है | रोगों से बचते हुए अपने स्वास्थ्य को बनाये रखने में आहार का संतुलित रखने के सम्बन्ध में जानकारी होना बहुत आवश्यक है |वर्तमान समय में युवाओ में जंक फ़ूड […]
जैतून के पत्तो से बनी चाय के फायदे (Benefits of Olive Leaf Tea in hindi)
जैतून के पत्तो से बनी चाय के फायदे (Benefits of Olive Leaf Tea in hindi) जैतून के पोधे मुख्यतः यूनान में पाए जाते है ये दो प्रकार के होते है एक सादा व दूसरा कांटेदार होते है इसमे एक झाड़ीनुमा होता है दूसरा बड़ा पोधा होता है इसके फलो में प्रचुर मात्रा में तेल पाया […]
चाय एक मीठा जहर – जाने प्राकृतिक चाय के विकल्प
चाय एक मीठा जहर चाय में लगभग 6% तक कैफीन पाया जाता है | चाय वर्तमान समय में सभी घरो की आवश्यक व पहली पसंद बनी हुई है जो की स्वास्थ्य की दृष्टि से उतनी ही हानिकारक भी है वर्तमान समय में यदि घर या ऑफिस में आये हुए मेहमान को चाय नही पिलाई जाये […]
शिरोधारा क्या है ? – प्राकृतिक ध्यान सोन्दर्यवर्द्धक रोगमुक्त प्रक्रिया
शिरोधारा एक – प्राकृतिक ध्यान सोन्दर्यवर्द्धक रोगमुक्त प्रक्रिया , शिरोधारा के फायदे शिरोधारा क्या है ? शिरोधारा को आयुर्वेद ग्रंथो में शिरोसेक के नाम से भी जाना जाता है | यह एक अतिप्राचीन आरोग्य विधि है जिसका प्रयोग लगभग 5-6 हजार वर्षो से हमारे वैद्यो द्वारा किया जाता रहा है | आयुर्वेद ग्रंथो के […]


