जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल के घटक द्रव फायदे और नुकसान

जैसा की आप सभी को मालूम है वर्तमान समय में जॉइंट पैन और सेक्सुअल वीकनेस सबसे बड़ी बीमारी अर्थात समस्या बन गयी है | ऐसे में स्पाइन सम्बन्धी रोगों के इलाज में अपनी अलग पहचान बनाने वाली संस्था श्री दयाल नैचुरल स्पाइन केयर द्वारा लम्बे अनुसन्धान के बाद एक ऐसा प्रोडक्ट तैयार किया है जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल जिसके द्वारा जॉइंट पेन में तो तुरंत आराम मिलता ही है साथ ही साथ शीघ्रपतन, शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध हो रहा है |

आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से बात करेंगे एसडी हर्बल के जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल के फायदे घटक द्रव और सेवन विधि व नुकसान के बारे में –

जॉइंट पेन क्यों होता है ( जोड़ो में दर्द क्यों होता है )

बढती उम्र के साथ साथ हमारे जॉइंट में दर्द होने लग जाता है जिसका कारण कार्टिलेज की उदासीनता होती है | क्योकि कार्टिलेज से हड्डियाँ बनती है | नियमित व्यायाम नही करने की स्थिति में हमारी कोशिकाये ही कार्टिलेज को खत्म करने लगती है | खत्म हुए कार्टिलेज से चलने फिरने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है और धीरे धीरे जोड़ो का दर्द असहनीय होता जाता है |

जॉइंट पेन होने का कारण

जोड़ो में दर्द के काफी कारण हो सकते है जिनमे कार्टिलेज की कमी, कैल्शियम की कमी, व्यायाम की कमी आदि जॉइंट पेन के कारण हो सकते है |

जाने जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल के घटक द्रव्य

एलोवेरा –  नेत्र रोग, खांसी-जुकाम, पेट से सम्बन्धी परेशानी, खुनी बवासीर, पीलिया, लीवर रोग, मूत्र रोग, मधुमेह, मासिकधर्म की अनियमितता, गठिया, कमर दर्द, स्किन, आदि में लाभदायक है |

अश्वगंधा – बल्य रसायन, इन्द्रिय दौर्बल्य, गठिया, अल्जाइमर, शारीरिक कमजोरी, वातरोग, जोड़ो के दर्द आदि में फायदेमंद है |

शतावरी – अनिंद्रा(नींद ना आने की परेशानी), स्तनों में दूध बढ़ाने में, शारीरिक कमजोरी, स्टेमिना बढ़ाने, वीर्य रोगों को सुधारने, स्वप्न दोष, कफ रोगों में, मूत्र रोग आदि में लाभदायक है |

अकरकरा – शारीरिक कमजोरी को मिटाकर नाड़ियो को बल देता है, कोमोत्तेजना बढ़ाने वाला, लकवे, अर्धान्गवात, अपस्मार, मिर्गी रोगों में लाभदायक है |

नागरमोथा – जॉइंट पैन, वात रोग,पीलिया, हैजा, स्तनों में दूध बढ़ाने, सुखी खांसी, गले सम्बन्धी रोग, मासिक धर्म से सम्बंधित परेशानी, मिर्गी, रक्तपित, सिफलिस, बुखार, आत्र ज्वर, शारीरिक कमजोरी, मूत्र रोग आदि में लाभदायक है |

करक्युमिन – गठिया, ऑस्टियोपोरोसिस, जोड़ो के दर्द, कोलेस्ट्रोल, एंटी-इन्फ्लामेंट्री, एंटी-फंगल, डायबीटीज में फायदेमंद, हृदय रोगों के खतरे से बचाने आदि में फायदेमंद होती है |

विदारीकन्द – शुक्रवर्धक, स्तन्यवर्धक, बलकारक, वाजीकरण रसायन गुणों से भरपूर औषधि है |

सौंठजोड़ो के दर्द, पाचन क्रिया को सुधारने, वजन नियंत्रित करने, लकवे, नर्व सिस्टम को बेहतर करने, कैंसर रोधी, बॉडी डीटोक्स, जुकाम, आदि में फायदेमंद |

सफेद मुसली – ब्रेस्ट में दूध बढ़ाने में सहायक, मूत्र रोग, ल्यूकोरिया, शारीरिक कमजोरी, वीर्य सम्बन्धी दोषों को दूर करे, गठिया, कामेच्छा बढ़ाने, तनावरोधी,

गोखरू – मूत्र रोग, पथरी, सुजन, हाजमा सुधारने में, गठिया, शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने, रक्तपित,

निर्गुन्डी – लीवर रोग, स्त्री रोगों, सुजाक, कामशक्ति वर्धक, साइटिका, गठिया, मोच, हाथीपाव, चर्म रोग, बुखार, मुह के छाले आदि में निर्गुन्डी के प्रभावी परिणाम है |

कौंच बीज – मूत्र रोग, योनी के ढीलेपन को कम करने, ल्यूकोरिया, लकवा, मासिक धर्म की अनियमितता, कामशक्ति बढ़ाने ,

जायफल  – पुरुषत्व या मर्दाना ताकत बढ़ाने में, चेहरे के दाग धब्बे मिटाने में, त्वचा रोग, भूख बढ़ाने, पाचन तन्त्र को सुधारने आदि में

शुद्ध शिलाजीत – सेक्सुअल वीकनेस, शारीरिक कमजोरी, टेस्टोंस्टेरोंन हारमोंन को बढ़ाने, अनिंद्रा, अनीमिया, एंटी एन्जिग, डायबीटीज, इम्युनिटी बढ़ाने आदि में प्रभावी है |

मोती भस्म –डिप्रेशन, तनाव, उच्चरक्तचाप, एसिडिटी, गठिया, दर्द निवारक, खांसी, दमा/अस्थमा आदि की रोकथाम में प्रभावी है मोती पिष्टी |

वंग भस्म – वीर्य सम्बन्धी रोग, स्वप्नदोष, हस्तमैथुन से पैदा हुई कमजोरी, शीघ्रपतन एवं नपुंसकता महिलाओ में सफेद पानी की समस्या, गर्भाशय की कमजोरी, मासिकधर्म की अनियमितता,बांझपन, खून की कमी, त्वचा रोग, शुक्रमेह आदि के लिए सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेद औषधि है,

लोह भस्म – अनीमिया, पीलिया, लीवर रोगों,बालो का झड़ना, शारीरिक कमजोरी, रक्तप्रदर, ल्यूकोरिया याददास्त, प्लीहा रोग, आदि में लाभदायक आयुर्वेद औषधि है |

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म – कैल्शियम की कमी, ऑस्टियोपोरोसिस, गठिया, श्वेत प्रदर, बार-बार पेशाब आना, कमर दर्द, स्वप्न दोष, कामोद्दीपक, हड्डियों, जोड़ो और प्रजनन अंगो (पुरुष और महिलाओ ) के लिए श्रेष्ठ आयुर्वेद औषधि है |

प्रवाल पिष्टी – ऑस्टियोपोरोसिस, अम्लपित्त, यूरिन इन्फेक्शन, कैल्शियम की कमी, हाथ पैरो में जलन, बुखार, धातु पौष्टिक, नकसीर  आदि में फायदेमंद |

लौंग – श्वसन सम्बन्धी रोग, सेक्सुअल समस्या, गठिया, सीने की जलन, पेट सम्बन्धी रोग बुखार आदि में फायदेमंद

दालचीनी – इम्युनिटी पॉवर बढ़ाने में, नर्व की अतिरिक्त चर्बी को कम करने, भूख बढ़ाने, नेत्र रोगों में, जुकाम, खांसी, कोलेस्ट्रोल, गठिया, आदि में प्रभावी है,

पटैर – वाजीकरण शक्ति बढ़ाने वाला, रक्त शोधक, स्तम्भक, मूत्र रोगों जैसे मूत्र का रुक रुक कर आना, स्पर्म की संख्या बढ़ाने, गठिया आदि में प्रभावी है |

केशर – आंत रोगों में फायदेमंद, सिरदर्द, मासिकधर्म की अनियमितता, मूत्र रोग, मानसिक रोग, जॉइंट पैन, लीवर रोग, हृदय रोग, सेक्सुअल वीकनेस आदि में,

त्रिफला – एसिडिटी, कब्ज, वजन घटाने, पाचन शक्ति को दुरुस्त रखने, बालो को पोषण, मूत्र सम्बन्धी, गोनोरिया,कुष्ठ रोग आदि में फायदेमंद रहता है |

सिद्ध मकरध्वज – शीघ्रपतन नाशक, इन्द्रियों की कमजोरी, वाजीकरण  शक्ति अर्थात कामोत्तेजना बढ़ाने में सहायक, चेहरे को कान्तिमान बनाये, बुढ़ापा रोधी, शुक्राणुओं की कमी, नाड़ियो की दुर्बलता आदि में विशेष लाभदायक |

हरमल – वात रोगों, साइटिका, शरीर में होने वाले सभी प्रकार के दर्द, मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द, श्वास-कास, मूत्रकृच्छ, 

सुरंजान – समस्त वात रोगों में प्रभावी

हरसिंगार – सभी प्रकार के वात रोगों के इलाज में प्रभावशाली जड़ी है |

जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल कैप्सूल के फायदे

घटक द्रव्यों के औषधीय गुणों को पढने के बाद हमे काफी हद तक अनुमान हो ही गया है की जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल के फायदे न केवल ज्वाइन पैन जोड़ो के दर्द में ही होगा बल्कि सेक्सुअल हेल्थ पर भी इतने फायदे होंगे अब हम बात करेंगे जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल के फायदे के बारे में विस्तार से –

जोड़ो के दर्द में जॉइंट स्टैमिना के फायदे

करक्यूमिन, कुकुटाण्डत्वक भस्म, सौठ, हरमल, सुरंजान, एलोवेरा आदि ऐसे महत्वपूर्ण घटक है जो भयंकर से भयंकर जोड़ो के दर्द में राहत दिलाने में काफी असरदायक है |

शीघ्रपतन में जॉइंट स्टैमिना के फायदे

सिद्धमकरध्वज, मोती भस्म, अकरकरा, गोखरू, शिलाजीत आदि महत्वपूर्ण घटक द्रव्यों की उपस्थिति शीघ्रपतन की समस्या से तुरंत राहत दिलाने के लिए महत्वपूर्ण कैप्सूल है जॉइंट स्टैमिना |

हस्थमैथुन के दुष्प्रभावो से छुटकारा दिलाने में जॉइंट स्टैमिना के फायदे

सिध्दमकरध्वज, शिलाजीत, प्रवाल पिष्टी, अश्वगंधा, पटैर, वंग भस्म, मोती भस्म, दालचीनी, आदि ऐसे घटक है जो बचपन में की गयी गलती हस्थमैथुन आदि के दुष्प्रभावो को खत्म करके आपकी खोई हुई ताकत को दुबारा पुनर्जीवित करने में सहायक सिद्ध होते है |

शुक्राणुओं की कमी दो दूर करने में जॉइंट स्टैमिना के फायदे  

कौंच बीज, अश्वगंधा, शतावरी, शिलाजीत, मोती भस्म, वंग, भस्म, आदि से शुक्राणुओं की संख्या बढने की सम्भावना बनती है |

शारीरिक कमजोरी में जॉइंट स्टैमिना के फायदे

अश्वगंधा, चोपचीनी, गोखरू, लौह भस्म, सफेद मुसली आदि शारीरिक कमजोरी को खत्म करके आपकी धातुओ को पुष्ट करके आपके शरीर को पुष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है |

कमर दर्द में जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल के फायदे

शारीरिक कमजोरी, कैल्शियम की  कमी, आदि के चलते होने वाले कमर दर्द में जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल काफी फायदेमंद है क्योकि इसमे उपयोग लिए गये घटक द्रव्य हरमल, सुरंजान, करक्यूमिन, सोंठ, आदि का शरीर में होने वाले दर्दो के लिए बहुत ही प्रभावशाली परिणाम है |

कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए फायदेमंद है जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल

जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल में कैल्शियम की कमी को दूर करने वाले घटक द्रव जैसे कुकुटाण्डत्वक भस्म, लौह भस्म, प्रवाल पिष्टी, आदि की उपस्थिति इसे कैल्शियम से भरपूर पोषण देने वाला कैप्सूल बना देते है |

नर्वस सिस्टम को कमजोरी को दूर करने में फायदेमंद है जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल  

सिद्ध मकरध्वज, शिलाजीत, सफेद मुसली, कौंच बीज, अकरकरा आदि ऐसे घटक द्रव है जिनके कारण नर्वस सिस्टम को मजबूती मिलती है | और नर्वस सिस्टम के मजबूत होने से शरीर कान्तिमान हो जाता है |

जोड़ो के दर्द का इलाज jodo ke drd ka ghrelu ilaj in hindi

जॉइंट पेन का आयुर्वेद दवा द्वारा बड़ी आसानी से इलाज किया जा सकता है | जोड़ो के दर्द के इलाज में सबसे पहले यह जान लेना अतिआवश्यक है की जोड़ो के दर्द का कारण क्या है | वात शामक आयुर्वेद औषधियों के सेवन से बड़ी आसानी से जोड़ो के दर्द से आराम पाया जा सकता है |

जोड़ो के दर्द के लिए दवा / आयल joint pain oil in hindi upchar

जोड़ो के दर्द के लिए जॉइंट स्टैमिना का सेवन अत्यंत लाभदायक रहता है | जोड़ो के दर्द की आयुर्वेदिक दवा – महानारायण तेल, विषगर्भ तेल, महामाष तेल, सभी को बराबर मात्रा में लेकर एक साथ मिला ले उसके बाद दर्द वाले हिस्से में मालिश करने से दर्द से राहत मिलती है |

घुटनों के दर्द की दवा ghutno ke drd ka ghrelu ilaj in hindi

प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा मिटटी चिकित्सा, जल चिकित्सा, एनिमा आदि से आप घुटनों के दर्द से आराम पा सकते हो साथ ही आप जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल का सेवन करके कम समय में घुटनों के दर्द से आराम (ghutno me drd ka ghrelu ilaj in hindi) पा सकते हो |

साथ ही घुटनों में दर्द का घरेलू इलाज के रूप में दालचीनी पाउडर 2 चम्मच, चूना 1 चम्मच, शहद 1 चम्मच सभी को मिलाकर घुटनों पर पेस्ट लगाकर 1 घंटे तक छोड़ दे | उसके बाद कॉटन से रगड़ रगड़ कर साफ़ कर दें | ऐसा कुछ ही दिनों तक करने से आपको घुटनों के दर्द में आराम मिलता है |

जॉइंट पेन रिलीफ कैसे करे how to joint pain relief in hindi

आपको शरीर के जिस भाग में दर्द है उस पर मिटटी का लेप लगाकर 30 मिनट तक छोड़ देने के बाद सादा पानी से धो लेने के बाद जोड़ो के दर्द में आराम मिल जाता है | यह प्रिक्रिया 3-5 दिन तक लगातार करे |

जोड़ो के दर्द की आयुर्वेदिक दवा ayurvedic medicine for joint pain in hindi

वृहत वात चिंतामणि रस, वातागजान्कुश रस, वात कुलान्तक रस, योगराज गुग्गुल, महायोगराज गुग्गुल, त्रियोंदशांग गुग्गुल, महारास्नादी गुग्गुल, दशमूल क्वाथ,एकांगवीर रस आदि आयुर्वेदिक दवाये है जिनका उपयोग जोड़ो के दर्द की आयुर्वेदिक दवा (Ayurvedic Medicine for Joint pain in hindi) के रूप में काम में ली जाने वाली महत्वपूर्ण दवायें है | जिनके सेवन से जोड़ो के दर्द में शीघ्र लाभ मिलता है |

जोड़ो के दर्द की टेबलेट Jodo Ke Drd ki tablet in hindi

वर्तमान समय में हर व्यक्ति लगभग जोड़ो के दर्द से परेशान है ऐसे में बाजार में बहुत सी फार्मेसियो द्वारा अलग-अलग नामो से दवा निकली गयी है ऐसे में हमारी संस्था श्री दयाल नैचुरल स्पाइन केयर में सैकड़ो पेशेंट्स को जॉइंट स्टैमिना कैप्सूल का सेवन अलग- अलग दवाओ के साथ या यूँ कहे की अलग अलग रोगियों को उनके लक्षणों के आधार पर करवाने से अत्यंत उत्साहित परिणाम मिले है |

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