संशमनी वटी के घटक द्रव्य फायदे और सेवन विधि

संशमनी वटी के फायदे

आयुर्वेद को जानने समझने वाले लोगो के अलावा बहुत कम लोगो को ही संशमनी वटी के फायदे उपयोग विधि और इसके सेवन की सही विधि के बारे में जानकारी है | जबकि संशमनी वटी के फायदे की लिस्ट बहुत लम्बी हो जाती है |

संशमनी वटी के फायदे

ऐसे में आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से बात करेंगे संशमनी वटी के फायदे सेवन विधि मात्रा और सेवन करने की सही विधि के बारे में –

संशमनी वटी के घटक द्रव्य और बनाने की विधि ingridents of sanshamani vati in hindi

गिलोय की छाल

पानी

को मिलाकर चटनी बना ले चटनी बना कर इसकी 125-250 मिग्रा की गोलिया बना ले | बनी हुई गोलियों को अच्छी तरह से सुखा क्र कांच की बोटल में भर क्र रख ले | संशमनी वटी की मात्रा और सेवन विधि आगे बताई गयी है |

संशमनी वटी के फायदे benefits of sanshamani vati in hindi

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में संशमनी वटी के फायदे

गिलोय अर्थात अमृता की छाल जीर्ण हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता को पुनर्जीवित करने के साथ ही साथ आपको बीमारी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है | क्योकि किसी भी बीमारी का मुख्य कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना होता है | ऐसे में संशमनी वटी का सेवन करने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढने से आप बीमार होने से बचे रह कर आप स्वस्थ्य और दीर्घायु को प्राप्त कर पाओगे |

पाचनतंत्र को बढाये संशमनी वटी के फायदे

जिन लोगो का पाचन तन्त्र ठीक से काम नही करने की वजह से भूख खुलकर नही लगती हो , खाने की इच्छा नही होती है ऐसे में कब्ज की शिकायत भी बनी रहती हो | ऐसी समस्याओ के लिए संशमनी वटी काफी लाभदायक सिद्ध होती है |

विषम ज्वर टायफायड बुखार में संशमनी वटी है फायदेमंद

जिन लोगो की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है उनको बार-बार बुखार बना रहता है | बार बार बुखार के नियमितता बनी रहने से यह टायफायड बुखार का रूप धारण कर लेता है | टायफायड बुखार व्यक्ति की पाचकाग्नी को कमजोर कर देता है ऐसे में संशमनी वटी व विषम ज्वरादी वटी सुबह-शाम एक एक गोली काफी फायदेमंद होती है |

शारीरिक कमजोरी को दूर करने में संशमनी वटी के फायदे

वर्तमान समय में खाने में तली-भुनी वस्तुओ को अधिक सम्मिलित करने से अग्निया प्रकुपित हो रही है | ऐसे में पाचकाग्नी के कमजोर हो जाने से खाया हुआ खाना ठीक से पच नही पाता है और शारीरिक कमजोरी बढती जाती है ऐसे में संशमनी वटी कम हुई अग्नियो को ठीक करने में सहायक सिद्ध होती है |

बढे हुए पित्त को नियंत्रित करे संशमनी वटी के फायदे

जिन लोगो का पित्त बढ़ा हुआ हो उसको संशमनी वटी काफी फायदेमंद साबित होता है | क्योकि संशमनी वटी के सेवन करने से लीवर ठीक प्रकार से काम करने लगता है जिससे अतिरिक्त पित्त नियंत्रित हो जाता है |

सफेद पानी की दवा के रूप में संशमनी वटी के फायदे

योनिमार्ग से सफेद रंग का चिपचिपा पदार्थ निकलता है जिसे ल्यूकोरिया, सफेद पानी, वाइट डिस्चार्ज के नाम से जाना जाता है | वर्तमान समय में महिलाओ की बढती समस्या सफ़ेद पानी के उपचार के लिए संशमनी वटी अत्यंत लाभदायक परिणाम दायक आयुर्वेद औषधि है |

पीलिया में संशमनी वटी है फायदेमंद

यदि आपको पीलिया की समस्या है और आप सभी प्रकार का ट्रीटमेंट ले चुके हो तो आपको लीवर की कार्य क्षमता में सुधार करने में संशमनी वटी काफी लाभदायक आयुर्वेद औषधि है | लीवर की कार्यक्षमता में सुधार होने से पीलिया की समस्या धीरे-धीरे ठीक होने लगती है |

डाबर संशमनी वटी के नुकसान

चिकित्सक की देखरेख में किसी भी आयुर्वेद औषधि का सेवन करने से किसी प्रकार का नुकसान नही होता है | प्रेग्नेंट महिलाये संशमनी के सेवन से बचे क्योकि इसकी प्रकृति उष्ण होने से गर्भपात होने की सम्भावना रहती है |

बैधनाथ संशमनी वटी की सेवन विधि और मात्रा uses of sanshamani vati in hindi

1-2 गोली गुनगुने पानी के साथ सेवन करे अथवा अधिक लाभ लेने के लिए 1-2 गोली सुबह-शाम चूसे | चिकित्सक के परामर्श के बाद सेवन करने से अधिक लाभ प्राप्त होता है |

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