समीर पन्नग रस के फायदे, सेवन विधि और मात्रा

समीर पन्नग रस के फायदे

परिचय – समीर पन्नग रस क्या होता है ?

समीर पन्नग रस श्वास वाहिनियो और फुफ्फुस कोषों के भीतर श्लेष्मिक कला पर सुजन न लाकर कफ का स्त्राव कराता है जिससे दोष निकल जाने पर फुफ्फुस व श्वासवाहिनियो को मजबूत बनाए में सहायक सिद्ध होता है |

समीर पन्नग रस के फायदे
समीर पन्नग रस के फायदे

समीर पन्नग के फायदे मुख्यत: घबराहट, श्वास, कास, ज्वर, जुकाम, संधिवात आदि के इलाज में किया जाता है | यह आयुर्वेद की शास्त्रोक्त दवा है –

समीर पन्नग रस के घटक द्रव

  • शुद्ध पारद
  • शुद्ध गंधक
  • शुद्ध सोमल
  • शुद्ध मन:शिला
  • शुद्ध हरताल

समीर पन्नग रस बनाने की विधि

सबसे पहले शुद्ध गंधक और शुद्ध पारद को सामान मात्रा में लेकर 3 दिन तक खरल में मर्दन करके कज्जली का निर्माण किया जाता है | इसके बाद शुद्ध शंखिया और शुद्ध हरताल को कज्जली में मिलाकर 2 दिन तक मर्दन करे | इसके बाद तुलसी पत्र स्वरस की 3 भावना देकर सुखा लिया जाता है | इसके बाद तैयार किये हुए द्रव्यों को किसी बोतल में भरकर उसके मुह को कपड़े को मुल्तानी मिटटी में अच्छे से मिलाकर उससे बोतल के मुह को बंद करदे जिससे अंदर की दवा पकाते समय बहार ना आसके |

इसके बाद तैयार बालुका यंत्र को अग्नि पर चड़ा दिया जाता है जब बोतल में तीव्र अग्नि डी जाती है उस दौरान बोतल के मुह से धुवा निकलता है उस समय किसी लोहे आदि की छड़ी से बोतल का मुह साफ करते रहना होता है | जब धुवा निकलना बंद हो जाये तब किसी ताम्बे की वास्तु से बोतल के मुह पर रखने से पारद चिपकने लगे तो समझना चाहिए आपकी दवा बनकर तैयार है |

यदि इन्ही घटक द्रव्यों के साथ स्वर्ण और मिला दिया जाये तो सुवर्ण समीर पन्नग रस बन जाता है |

समीर पन्नग रस के फायदे benefits of swarn samir pannag ras in hindi

फुफ्फुस रोगों में समीर पन्नग रस के फायदे

फुफ्फुस से सम्बन्धी रोगों जैसे निमोनिया श्वसन सम्बन्धी विकार अर्थात श्वास रोग आदि में समीर पन्नग रस का श्रेष्ठ परिणाम मिलता है | क्योकि इसके सेवन से फुफ्फुस की कार्यप्रणाली में सुधार होता है |

सभी प्रकार के बुखारो में फायदेमंद है समीर पन्नग रस

आन्तरिक ज्वर, जीर्ण ज्वर, संनिपताज ज्वर, विषम ज्वर , आदि सभी प्रकार के ज्वरो में समीर पन्नग रस का सेवन अत्यंत लाभदायक सिद्ध होता है |

स्नायु दौर्बल्य में समीर पन्नग रस के फायदे

स्नायु दौर्बल्य में सुवर्ण समीर पन्नग एक श्रेष्ठ रसायन का काम करता है | इसके सेवन से शारीरिक कमजोरी से शीघ्र छुटकारा मिलता है |

कोविड में स्वर्ण समीर पन्नग रस के फायदे

कोविड रोगियों में देखा गया है की रोगी व्यक्ति के फुफ्फुस और श्वासवाहिनियो में सुजन उत्पन्न होने से कर्कशता बढ़ जाती है साथ ही फुफ्फुस के अंदर कफ एकत्र होने लगता है | जिससे रोगी व्यक्ति के श्वास लेने की आवृति घटती जाती है परिणाम स्वरूप ओक्सिजन का स्तर कम होने लगता है ऐसे में स्वर्ण समीर पन्नग रस फुफ्फुस में कफ को एकत्र होने से रोकता है और साथ ही एकत्र हुए कफ का स्त्राव करता है जिससे फुफ्फुस की कार्य क्षमता बढ़ जाती है | और रोगी व्यक्ति गहरा साँस ले पाने से ओक्सिजन की कमी नही होकर ओक्सिजन का स्तर बढने लगता है |

(यहा पढ़े- फेफड़ो को मजबूत बनाने में श्वास कास चिंतामणि रस के फायदे )

जीर्ण कास में समीर पन्नग रस के फायदे

जीर्ण कास में लंग्स में कफ एकत्रित होता रहता है ऐसे में समीर पन्नग रस के सेवन करने से फुफ्फुस में एकत्र हुआ कफ का स्त्राव होकर पुरानी खांसी में आराम मिलता है |

संधिवात में समीर पन्नग रस के फायदे

जिन लोगो के जोड़ो में दर्द की समस्या रहती है उनके लिए समीर पन्नग रस का सेवन करने से जोड़ो के दर्द से राहत मिल जाती है |

समीर पन्नग रस के नुकसान और सावधानिया

समीर पन्नग रस कभी भी बिना चिकित्सक के परामर्श के सेवन ना करे अन्यथा हानि हो सकती है क्योकि इसमे शंखिया होता है जो एक तरह का विष होता है |

समीर पन्नग रस के सेवन की मात्रा और उपयोग विधि (samir pannag ras uses in hindi )

मात्रा 65 मिग्रा – 125 मिग्रा चिकित्सक की देखरेख में सेवन करे |

समीर पन्नग रस का मूल्य samir pannag ras price in hindi

बैधनाथ सुवर्ण समीर पन्नग रस baidhnath swarn samir pannag ras price

पैकिंग 10 टेबलेट

मूल्य – 700/-

बैधनाथ समीर पन्नग रस price

पैकिंग – 10 टेबलेट

मूल्य – 110/-

धूतपापेश्वर समीर पन्नग रस price Dhootpapeshwar samir pannag ras price

पैकिंग – 5 ग्राम

मूल्य price – 175/-

नोट – किसी भी आयुर्वेद औषधि का सेवन चिकित्सक की देखरेख में ही करे |

डॉ.रामहरि मीना

निदेशक – श्री दयाल नैचुरल स्पाइन केयर जयपुर

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