पिंडलियों में होने वाले दर्द से छुटकारा पाने के 10 आसन घरेलू उपाय

पिंडलियों का दर्द

पिंडलियों में होने वाले दर्द का कारण ( Cause of calf pain in hindi )

वर्तमान समय में पिंडलियों में होने वाले दर्द का कारण शरीर में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, शारीरिक व्यायाम की कमी, डायबिटीज, थाइरोइड, बी.पी. आदि हो सकते है |

पिंडलियों का दर्द
पिंडलियों के दर्द की समस्या का घरेलू उपाय

आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम जानेंगे की किन आसान उपायों के द्वारा पिंडलियों में दर्द से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है |

पिंडलियों के दर्द से छुटकारा पाने के 10 आसन घरेलू उपाय ( 10 Easy Home Remedies to Get Rid of calf Pain in hindi _

पिंडलियों में होने वाले दर्द और ऐंठन के लिए कैल्शियम, विटामिन डी, विटामिन के, और ओमेगा -3 फैटी एसिड को जिम्मेदार माना जाता है | आज इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बतायेंगे की कोन-कोन से फल व सब्जियों के सेवन से आप इसकी पूर्ति करते हुए अपनी पिंडलियों के दर्द या ऐंठन जैसी समस्या से आसानी से छुटकारा पा सकते हो |

कुल्फा

कुल्फा विटामिन के ओमेगा 3 फैटी एसिड, मैगनीज, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम का अच्छा स्त्रोत होता है और इस सबकी कमी पिंडलियों में होने वाले दर्द के लिए जिम्मेदार होती है | कुल्फा का सेवन बरसात के मौषम में सब्जी के रूप में या सूप के रूप में कर सकते है |

मोरिंगा

मोरिंगा में सभी विटामिन्स जैसे –विटामिन-ए, विटामिन-बी-1, बी-2, बी-3, बी-6, बी-7, विटामिन-सी, विटामिन-डी, विटामिन-इ, विटामिन-के तथा मिनरल्स जैसे जिंक, कॉपर, लोह्तत्व, मैगनीज, सिलिका आदि भी भरपूर मात्रा में पाए जाते है |

मोरिंगा लगभग 96 पोषक तत्वों से भरपूर होता है | इसमे 46 प्रकार के एंटी-ऑक्सीडेंट, 36 एंटी-इंन्फ्लामेंट्री और 18 एमिनो एसिड विधमान होते है | जिनमे 9 आवश्यक एमिनो एसिड भी शामिल है |

मोरिंगा 300 से अधिक बीमारियों में इसकी गुणवत्ता के कारण अत्यंत लाभदायक रहता है | इसके सेवन करने से आप पिंडलियों सहित अनेको समस्याओ से छुटकारा पा सकते हो | यहाँ पढ़े – मोरिंगा के फायदे

अलसी

अलसी के बीजो का सेवन करने से पिंडलियों में होने वाले दर्द से राहत दिलाने में अत्यंत लाभदायक सिद्ध होता है क्योंकि इसके सेवन से रक्त का संचार बेहतर हो जाता है | जिससे ब्लड क्लोटिंग होने की सम्भावना कम हो जाती है ब्लड का ठीक प्रकार से संचार होने लगता है | इसका सेवन पाउडर के रूप में भुन कर या रात को भिगोकर सुबह कर सकते गई |

अखरोठ

यदि आप पिंडलियों के दर्द से परेशान है तो अखरोठ का सेवन नियमित रूप से करने पर आपको इस समस्या से छुटकारा मिल जायेगा | क्योकि अखरोठ विटामिन के और ओमेगा 3 का अच्छा स्त्रोत होता है |

हारसिंगार

हारसिंगार हमारे सम्पूर्ण शरीर की अम्लीयता को खत्म करते हुए हमारे शरीर को क्षारीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इसके पत्तो की चटनी बनाकर पानी में मिलाकर या काढ़ा बनाकर या पत्तो का पाउडर बनाकर रोज सुबह सेवन करना अधिक लाभदायक रहता है | इसका सेवन किसी भी रूप में करने से पिंडलियों में होने वाले दर्द और ऐंठन से राहत दिलाने में कारगर रहता है |

अश्वगंधा

अश्वगंधा हमारे शरीर में उपस्थित सभी सेल्स को पोषण देने का काम करता है | साथ ही नई कोशिकाओ का निर्माण करने में सहायक है | अश्वगंधा एंटी-ओक्सिडेंट गुण होने से यह रक्त में उपस्थित ओक्सिडेंटस् को बहार निकने में भी सक्षम है | यहाँ पढ़े – अश्वगंधा के फायदे

ज्वारे

ज्वारे में विटामिन ए, बी कोम्प्लेक्स, सी, ई, के, पोटेशियम, आयरन, मैगनीज, जस्ता आदि प्रचुरता से पाये जाते है | इन सभी पोषक तत्वों की उपस्थिति के ज्वारे का रस या चूर्ण पिंडलियों में होने वाले दर्द से राहत दिलाने में सक्षम है |

ब्रोंकली

पोषण की कमी के चलते ब्लड वेसेल्स कमजोर होने लगती हो जिससे पिंडलियों में दर्द का होना आम बात है इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए ब्रोंकली का सेवन अधिक लाभदायक सिद्ध होता ई क्योकि ब्रोंकली में विटामिन ए, विटामिन के, कैल्सियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है | इसमे उपस्थित सभी पोषक तत्व पिंडलियों की ऐंठन से राहत दिलाने में लाभदायक सिद्ध होता है | इसका सेवन कच्चे या सब्जी के रूप में किया जा सकता है |

पम्पकिन सीड्स

पम्पकिन सीड्स में प्रचूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है | जो की पिंडलियों के दर्द व् ऐंठन से छुटकारा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है | इसका सेवन बीजो के पाउडर को दूध या गर्म पानी के साथ कर सकते हो |

स्प्राउट्स

स्प्राउट्स प्रोटीन से भरपूर होते है जिनका सेवन सप्ताह में 3-4 दिन करना अधिक बेहतर रहता है उसके अतिरिक्त अन्य दिनों में उपरोक्त आहार का सेवन करने से पिंडलियों में होने वाली ऐंठन में अधिक लाभ मिलता है |

योगाभ्यास

आपको आपकी पिंडलियों की ऐंठन या दर्द से छुटकारा दिलाने में नियमित योगाभ्यास की विशेष भूमिका रहती है क्योकिं नियमित योंगाभ्यास से सम्पूर्ण शरीर में रक्त का संचार बेहतर बना रहता है | जो की इस समस्या का जिम्मेदार कारण होता है | इसलिए नियमित योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या में अवश्य शामिल करे |

विशेष :- किसी भी डाइट को नियमित रूप से लेने से हमारे शरीर को अन्य आवश्यक पोषक तत्व नही मिल पाते है जिससे अन्य पोषक तत्वों की कमी होने की सम्भावना रहती है इस लिए किसी भी डाइट को आप फॉलो कर रहे हो उसकी पुरे सप्ताह की रूपरेखा आपको बनाने के बाद ही सेवन करना अधिक उचित होगा |

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