हंता वायरस क्या है चीन में एक व्यक्ति की मौत (hanta virus in hindi)

हंता वायरस

परिचय

जहा एक और पूरी दुनिया पर कोरोना वायरस अपना कहर बरसा रहा है और पूरी दुनिया कोरोना से लड़ने में लगी हुई है ऐसे में हाल ही में सेंटर फॉर डीजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंसन (CDC) के हवाले से खबर आई है की चीन के युन्नान प्रान्त में आज हंता वायरस (hanta virus in hindi) के संक्रमण से एक व्यक्ति के मौत की खबर सामने है |

हंता वायरस
हंता वायरस

इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगो का कहना है की जब तक चीन के लोग जानवरों को खाना बंद नही कर देते तब तक चीन में नई नई बीमारिया सामने आती रहेंगी |

जाने कैसे फैलता है हंता वायरस (hanta virus in hindi)

विशेषज्ञो का मानना है की यह वायरस मुख्य रूप से चूहों के माध्यम से फैलता है | जैसे जैसे चूहों का अन्दर बहार आना जाना होता है वैसे वैसे ही ये हंता वायरस (hanta virus in hindi) बहार से घर में आने की सम्भावना बढ़ा देता है | साथ ही विशेषज्ञो का ये भी मानना है की यह वायरस हवा के द्वारा एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति तक पहुंचता है | जैसे ही कोई स्वस्थ व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आता है इस हंता वायरस (hanta virus in hindi) से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है |

संक्रमित चूहों के मल पेशाब आदि को चुने के बाद बिना साबुन आदि से हाथ धोये बिना ही अपने मुह नाक आँख आदि को छू लेने से इस वायरस के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है |

सेंटर फॉर डीजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंसन की रिपोर्ट के अनुसार हंता वायरस चूहे और गिलहरियों के सम्पर्क से फैलता है | हंता वायरस (hanta virus in hindi) से संक्रमित रोगियों के मरने का आकड़ा लगभग 38% है

हंता वायरस के लक्षण (symptoms of hanta virus in hindi)

  • सिरदर्द
  • बुखार
  • पुरे शरीर में दर्द
  • पेट दर्द
  • उल्टी होना
  • दस्त होना डायरिया
  • संक्रमित इन्सान के फेफड़ो में पानी बहने की सम्भावना बनी रहती है |
  • चक्कर आना
  • तेज ठंड लगना
  • खांसी
  • साँस लेने में तकलीफ़
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हंता वायरस (hanta virus in hindi) से बचाव कैसे करे

  • अपने घर में चूहों और गिलहरियों के आवागमन को रोकने के लिए छोटे छोटे छेदों को पूरी तरह से बंद करदे |
  • जिससे उनसे सम्पर्क में आने की सम्भावना कम हो सके |
  • चूहों को कैद करने के लिए जाल का सहारा लिया जा सकता है |
  • अपने आस पास की जगहों की साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखे |
  • स्वछता ही सबसे श्रेष्ट बचाव का माध्यम हो सकता है |

डॉ.रामहरि मीना

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