शतावरी परिचय फायदे व नुकसान

शतावरी के फायदे

परिचय

अश्वगंधा का नाम आते ही शतावरी का नाम स्वत: ही आ जाता है-अश्वगंधा-शतावरी | अश्वगंधा के गुणों के बारे में तो लगभग सभी लोग परिचित होते है किन्तु बात जब शतावरी के फायदे की आती है तो मोंन सा छा जाता है |

शतावरी के फायदे
शतावरी के फायदे

शतावरी (Shatavri in hindi) भारत के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रो में बहुतायत से पाई जाती है | इसकी बेल गंगा के उपरी मैदानी व् तटीय क्षेत्रो व् बिहार के पठारी क्षेत्र में बहुतायत से पाई जताई है | वर्तमान समय में अनेको किसानो द्वारा शतावरी की खेती भी की जाने लगी है | चरक संहिता व् सुश्रुत संहिताओ में इसका वर्णन वय:स्थापन , बलकारक, मधुरस्कन्द व पित्त का शमन करने वाली, आदि के रूप में मिलता है |

शतावरी (Shatavri in hindi) को शतावर, सतमूल, सतमूली आदि नमो से स्थान विशेष के आधार पर जाना जाता है |शतावरी का वैज्ञानिक नाम एस्पेरागस रेसमोसुस (asparagus racemosus) है |

शतावरी का रासायनिक संघठन

शतावरी (Shatavri in hindi) में शतावरिन मुख्य द्रव्य होता है | शतावरी में क्वेरसेटिन, हाय्पेरोसाइड  सैपोनिन, सिटोस्टेरोल, डायोसजेनिन, प्रोटीन, रुटीन, कार्बोहायड्रेट, आदि पाए जाते है |

शतावरी के फायदे (benefits of Shatavri in hindi )

शतावरी का सेवन करने से मनुष्य शारिरिक व् मानसिक स्वास्थ्य के अनेको फायदे ले सकता है –

  1. एनीमिया (खून की कमी में शतावरी के फायदे )

शतावरी (Shatavri in hindi) के रेशे जैसे मुलायम पत्तो की सब्जी बनाकर सेवन करने से शरीर में होने वाली खून की कमी की समस्या से छुटकारा मिलता है |

  • शारिरिक दौर्बल्यता में शतावरी के फायदे

यदि आपका वजन कम है और आप वजन बढ़ाना चाहते है तो शतावरी के साथ अश्वगंधा के चूर्ण को मिलाकर दूध में उबालकर सेवन करने से कुछ ही दिनों में आपका वजन बढ़ाने लगेगा |

  • शतावरी फांट दिलाये जुकाम से राहत

शतावरी की जड़ का चूर्ण लेकर गर्म पानी में डालकर कुछ समय के लिए छोड़ दे | हल्का गुनगुना रहने पर सेवन करने से जुकाम में राहत मिल जाती है |

  • स्तन्य वृद्धि में शतावरी लाभकारी

शतावरी का सेवन दूध पिलाने वाली माताओ के लिए स्तनों में दूध बढ़ाने वाली साबित होती  है |

  • गर्भावस्था में शतावरी है फायदेमंद

गर्भावस्था के समय महिलाओ द्वारा 2-३ ग्राम की मात्रा में शतावरी का सेवन गर्भ में पलने वाले शिशु के व् स्त्री के पोषण के लिए श्रेष्ठ टोनिक का काम करता है |

  • मधुमेह रोग में लाभदायक है शतावरी

मधुमेह रोगी को थकान व् कमजोरी की समस्या होना आम बात है | मधुमेह रोगी यदि पीली शतावरी का सेवन नियमित रूप से चिकित्सक की देखरेख में करे तो निश्चित तौर पर रोगी को थकान व् कमजोरी की समस्या का सामना नही करना पड़ेगा |

  • सेक्स क्षमता वर्द्धक

अश्वगंधा, शतावरी, विदारीकन्द, सफेद मुसली, सालम मिश्री आदि को समान भाग लेकर चूर्ण बना ले | सुबह- शाम दूध के साथ सेवन करने से शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार होकर सेक्स से सम्बंधित समस्याओ से राहत मिलती है |

  •   श्वेत प्रदर में शतावरी है फायदेमंद

शतावरी (Shatavri in hindi) के साथ अशोक छाल, अश्वगंधा, लोध्र आदि के चूर्ण को मिलाकर दूर्वा स्वरस के साथ सेवन करने से महिलाओ की समस्या श्वेत प्रदर में आराम मिलता है |

  • अनिंद्रा में शतावरी के फायदे

नींद नही आती है तो आप शतावरी अश्वगंधा के चूर्ण को दूध में अच्छे से पका ले | जब दूध में गाढ़ापन आने लग जाये तब उसमे गाय का घी मिलाकर ठण्डा होने पर सेवन करने से नींद अच्छी आने लगती है |

अर्श बवासीर में शतावरी है कारगर

शतावरी की प्रकृति शीत होने से शतावरी अर्श (पाइल्स) में लाभदायक साबित होती है |

पथरी में शतावरी है फायदेमंद

यदि आप पथरी की समस्या से परेसान है तो शतावरी की जड़ का रस 5 मिली व बकरी का दूध 50 मिली की मात्रा में मिलाकर सेवन करने से पथरी धीरे धीरे गल कर निकलने की सम्भावना रहती है |

पुरुषत्व बढ़ाने में फायदेमंद है शतावरी

250 ग्राम शतावरी चूर्ण को 2 लीटर गाय के दूध में डालकर मावा बनाले | मावा बनने पर इसमे देसी शक्कर मिलाकर रोज एक चम्मच की मात्रा में दूध के साथ सेवन करने से पुरुषत्व में वृद्धि देखी गयी है |

शतावरी के नुकसान (side effects of shatavri in hindi)

  • किडनी से सम्बंधित रोगी को इसका सेवन करने से आपकी समस्या बढ़ सकती है, किन्तु बहुत आवश्यक होने पर या चिकित्सक की देखरेख में किया जा सकता है |
  • गुर्दे की पथरी वाले रोगियों को इसके सेवन से बचना चाहिए |
  • शतावरी का सेवन दूध के साथ ही करना चाहिए पानी या अन्य किसी के साथ सेवन करने से गैस या कब्ज की समस्या उत्पन्न हो सकती है |
  • उच्चरक्तचाप वाले रोगी को शतावरी का सेवन चिकित्सकीय देखरेख में ही करना चाहिये |
  • प्रेग्नेंट महिलाओ को इसके सेवन से दुरी बना के रखनी चाहिए क्योकि कुछ महिलाओ को गैस से सम्बंधित शिकायत होती हो तो उन्हें इसका सेवन नही करना चैये अन्यथा गर्भपात होने की सम्भावना बन सकती है |

उपरोक्त किसी भी प्रकार के रोगी को शतावरी के सेवन से नुकसान होने की सम्भावना नही रहती है किन्तु जिन पशेंट्स को शिकायत रहती हो वो चिकित्सक की देखरेख में यदि शतावरी का सेवन करे तो कुछ हद तक नुकसान होने की सम्भावना कम हो जाती है |

यदि आपको किसी प्रकार की हेल्थ सम्बन्धी जानकारी चाहिए तो अपनी समस्या कमेन्ट करके बताये हमारे एक्सपर्ट जल्द ही आपके सवालों का जवाब देंगे |

धन्यवाद!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *