वाजीकरण शक्ति बढ़ाने के घरेलू नुस्खे

  • ब्रह्मदंडी स्वरस से गेहू के आटे को गूँथ कर बाटी बनाये , उसके बाद घी तथा मिश्री मिलकर सेवन करने से अतिशीघ्र वाजीकरण गुणों में वृद्धि होती है |
  • भृंगराज स्वरस को 10 मिली की मात्रा में नित्य लेने से वाजीकरण शक्ति धीरे धीरे पुष्ट होने लगती है |
  • मालकांगनी के बीज के चूर्ण को खीर में डालकर खाने से वाजीकरण शक्ति बढने के साथ ही नपुंसकता मिटती है |
  • माषपर्णी के 5-10 ग्राम चूर्ण को दही में मिलाकर सेवन करने से वाजीकरण गुणों में शिघ्र वृद्धि होती है |
  • 2 ग्राम गोरखमुंडी चूर्ण को 50 मिली नीम के स्वरस से लेने से वाजीकारक शक्ति बढती है |
  • 5 ग्राम मुलेठी चूर्ण में घी और मधु मिलाकर दूध के साथ  सेवन करने से वाजीकरण शक्ति शीघ्र बढ़ जाती है |
  • कालीमुसली मखाना,गोखरू आदि के चूर्ण को मिलाकर दूध के साथ सेवन करने से वाजीकरण गुणों में शीघ्र वृद्धि होती है |
  • सफ़ेद मुसली ,गिलोय सत्व ,कोंच बीज ,गोखरू,सेमल कंद ,आवला तथा शर्करा को समान भाग में लेकर घी मिले दूध के साथ सेवन करने से वाजीकरण शक्ति अतिशीघ्र बढ़ जाती है |
  • जटाधारी या रुद्रजटा के 2 ग्राम चूर्ण में 5 ग्राम मिश्री मिलाकर दूध के साथ पिने से वाजीकरण शक्ति में शीघ्र लाभ होता है |
  • अकरकरा की जड़ को सफेद मुसली, अश्वगंधाआदि के साथ समान भाग लेकर चूर्ण बना ले एवं एक एक चम्मच सुबह शाम दूध के साथ सेवन करे वाजीकरण शक्ति शीघ्र बढ़ेगी |
  • 1 ग्राम अकरकरादी चूर्ण को शहद के साथ सुबह-शाम करने से शिघ्र वाजीकरण शक्ति बढती है |
  • पान के पत्ते में 1-2 बूँद अगरू तेल डालकर मुह में रखने से कामोत्तेजना व वाजीकरण शक्ति में वृद्धि होती है |

  • 5 ग्राम अतीस चूर्ण को शक्कर मिले दूध के साथ सेवन करने से  वाजीकरण शक्ति में शिघ्र वृद्धि होती है |
  • चिलगोजा , बादाम ,मुनक्का ,छुआरा व् अंजीर को समभाग मिलाकर दूध में पकाले | ठंडा होने पर मिश्री मिलाकर लेने से वाजीकरण शक्ति कुछ ही दिनों में बढने लगती है |
  • जायफल ,अकरकरा ,जावित्री ,इलायची ,केसर व् कस्तूरी को समान भाग में मिलाकर सेवन करने से वाजीकरण शक्ति में वृद्धि होती है |
  • बड़ी दुधि के चूर्ण को शक्कर मिलाकर लेने से वाजीकरण शक्ति बढती है |
  • अकरकरा , धतुरा के बीज व् लोंग तीनो को मिलाकर गोलिया बनाले रात को सोने से पहले एक गोली का सेवन वाजीकरण शक्ति को तीव्र कर देता है |
  • निर्गुन्डी और सोंठ के चूर्ण को समान भाग मिलाकर एक एक चम्मच दूध के साथ लेने से वाजीकरण शक्ति बढने लगती है |
  • वाजीकरण शक्ति बढ़ाने के लिए पलाश मूल अर्क को दिन में दो बार सेवन करे |
  • वाजीकरण शक्ति बढ़ाने के लिए पीपल के फूल , छाल , जड़ व् पत्रान्कुर आदि को क्षीरपाक करके शक्कर मिलाकर शहद के साथ लेवे |
  • नागबला चूर्ण को दूध के साथ सेवन करे |
  • वाजीकरण शक्ति बढ़ाने के लिए बादाम , सोंठ , कालीमिर्च , मिश्री मिलाकर सेवन करने से वाजीकरण गुणों में वृद्धि होती है |
  • 2 ग्राम अन्धाहुली पंचांग चूर्ण में समभाग मिश्री मिलाकर गाय के दूध के साथ सेवन करने से वीर्य की पुष्टि होती है |

कृपया चिकित्सक की देखरेख म व् परामर्श के उपरांत ही उपयोग करे |

धन्यवाद !

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