वाजीकरण का अर्थ क्या है ? वाजीकरण शक्ति बढ़ाने के नुस्खे व आयुर्वेद औषधिया |

वाजीकरण का अर्थ What is vajikarana in hindi

आयुर्वेद ग्रन्थ चरक संहिता में वाजीकरण एक विशेष शाखा है जिसके अंतर्गत वाजीकरण ( Vajikarana Shot ) पौरुष शक्ति को बढ़ाने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया है | वाजीकरण ( वाजीकरण शॉट) का अर्थ होता है घोड़े के समान मैथुन क्रिया में ताकतवर होना |

अर्थात आयुर्वेद शास्त्रों के अनुसार शुक्र का वेग, शुक्राणुओं की संख्या, मात्रा आदि से सम्बंधित समस्याओ का निदान करना ही वाजीकरण अध्याय में सम्मिलित है | वाजीकरण शक्ति ( वाजीकरण शॉट ) को यदि सरल भाषा में समझा जाये तो पुरुषो में कामोत्तेजना शक्ति का क्षय होने के बाद पौरुष शक्ति बढ़ाना या कामोत्तेजना शक्ति को पुनः बढ़ाने की प्रक्रिया को ही वाजीकरण शक्ति कहा जाता है |

वाजीकरण की परिभाषा Defination of Vajikarana in hindi

वजनं वाज शुक्रस्य वेग: स विधते येशांते |

वाजिनः अवाजिनो वाजन: क्रियन्तेनेनेती वाजीकरणम ||

वाजीकरण दवा क्या है What is vajikarana medicine in hindi

पुरुषो के शरीर में बल को बढ़ाने वाली दवा जिनका सेवन करने से बल और वीर्य की वृद्धि होती हो | आयुर्वेद में रसायन चिकित्सा अध्याय में बल और वीर्य को बढ़ाने वाली विभिन्न औषधियों को शामिल किया गया है | जिनमे अश्वगंधा, गोखरू, सालमपंजा, माकरूट, सफ़ेद मूसली, जिनसेन, शिलाजीत आदि को बल और वीर्य बढ़ाने वाली माना जाता है |

प्रमुख वाजीकरण द्रव्य , औषधियों के नाम Important vajikarna herbs in hindi

आयुर्वेद शास्त्रों में वाजीकरण द्रव्य ( वाजीकरण शॉट ) से तात्पर्य ऐसी औषधियों से है जिनका सेवन करने से पुरुषो की मैथुन शक्ति या कामवासना की शक्ति बढ़ जाती है | वाजीकरण द्रव्य का निर्धारण उनकी गुणवत्ता जैसे रस, गुण, वीर्य, विपाक और प्रभाव को ध्यान में रखते हुए किया जाता है | आचार्य चरक ने स्त्री को सबसे महत्वपूर्ण वाजीकरण द्रव्य माना है | अधिक कोमल प्रेम की भावना होने से अधिक वाजीकारक होती है | आचार्य चरक के अनुसार जो स्त्री अधिक सुन्दर, सुशील, धर्म, अर्थ, लक्ष्मी रखने वाली होती है वो उतनी ही अधिक वृष्य होती है |

आयुर्वेद शास्त्रों के अनुसार वाजीकरण द्रव्य वो होते है जो मधुर रस, स्निग्ध, वृहण, गुरु, जीवनीय, मन को ख़ुशी देने वाले द्रव्य होते है | जो संतानोत्त्पति के लिए विशेष उपयोगी होते है वाजीकरण द्रव्य कहलाते है | इन्हें आयुर्वेदानुसार आठ भागो में विभाजित किया गया है जो इस प्रकार है –

कामोत्तेजक द्रव्य kamottejna badhane wale dravy in hindi

कामोत्तेजक आयुर्वेद औषधियों के रूप में शीलाजीत, भांग, गांजा, अफीम, जिनसेंग ( Ginseng ) , अकरकरा ( Akarkara ), कुचला, सफ़ेद प्याज, धतुरा, सालमपंजा, हर्नी गौट वीड (horny goat weed), का प्रमुखता से उपयोग में लिया जाता है |

शुक्रल वाजीकरण

जायफल, जावित्री,स्वर्ण भस्म, रससिन्दूर, सालममिश्री, उड़द,विदारीकंद, कौंच बीज, माकारूट (Macaroot) आदि को शुक को बढ़ाने के साथ साथ वाजीकारक भी माना गया है |

वीर्यवर्धक द्रव्य

तालमखाना, सफेद मूसली ( Safed musli ), सेमल कंद, जीवन्ति , सिंघाड़ा, प्रवाल, गोखरू, सालमपंजा (salampanja ), डेमिआना ( Damiana ) आदि को वीर्य बढ़ाने वाले वाजीकारक द्रव्य माना गया है |

शुक्रल द्रव्य

मेदा, विदारा, जीवक, ऋषभक, कान्कोली, क्षीरकाकोली, माषपर्णी, आदि आयुर्वेद औषधियों को वाजीकरण अध्याय में शुक्रल द्रव्य माना गया है |

बलवर्धन गण

अश्वगंधा ( Ashvgandha ), बला, विदारीकन्द, शतावरी,माषपर्णी, अतिबला, तोंगकटकट अली आदि औषधियों को बल बर्धक माना गया है |

जीवनीय गण औषधि

मुदगपर्णी, काकोली, क्षीर काकोली, मेदा, महामेदा, ऋषभक, जीवन्ति, मुलेठी आदि को जीवनीय गण की औषधियों में सम्मिलित किया जाता है |

बृहनवर्ग द्रव्य

क्षीरिणी, शतावरी, अश्वगंधा, श्वेत बला, पीत बला, बनफ्सा, केवांच काकोली, क्षीर काकोली आदि को बृहन गण के द्रव्य माना जाता है |

क्षीरसंसनन वर्ग

कुश, सष्टी शाली गूंदा, विरण आदि को सम्मिलित किया गया है |

वाजीकरण शक्ति बढ़ाने के लिए वाजीकरण शॉट (Vajikarana Shot )

वाजीकरण शॉट को ऐसे पुरुषो के लिए बनाया गया जो बचपन में हस्तमैथुन की लत में पड़ने के कारण कामोत्तेजना शक्ति का हास युवा होने से पहले ही कर चुके हो | हस्तमैथुन की लत के चलते पेनिश में तनाव की समस्या से भी परेशान हो ऐसे लोगो के लिए खासतौर पर वाजीकरण शॉट बहुत ही फायदेमंद साबित हो रहा है |

यहाँ पढ़े – वाजीकरण शॉट के फायदे

आयुर्वेदानुसार बाजीकरण द्रव्यों की महत्ता Importance of vajikarana herbs in hindi

आयुर्वेद अनुसार संतानोत्पत्ति में बाजीकरण द्रव्यों की अपनी महत्वपूर्ण महत्ता होती है | बाजीकरण द्रव्यों के सेवन करने के साथ साथ आपको अपनी दिनचर्या को बेहतर बनाये रखने की आवश्यकता होती है | ऐसे में आपको सुपाच्य भोजन में घी, दूध, चावल का दलिया, उड़द की दाल, गेंहू, सूखे मेवे आदि का एक नियमित आहार व्यवस्था के अनुरूप अपनी दिनचर्या में शामिल करना है | साथ ही साथ नियमित टहलना, योग, प्राणायाम, मैडिटेशन आदि का अभ्यास किसी योग प्रशिक्षक की देख रेख में करने से स्पर्म मोबिलिटी में सुधार देखने को मिल सकेगा |

वाजीकरण नुस्खे vajikarana Nuskhe in hindi

जैसा की आपको मालूम ही है वाजीकरण शक्ति बढ़ाने के आयुर्वेदिक नुस्खे का आर्टिकल पहले ही लिखा हुआ है यदि आप हमारे नियमित पाठक है तो पढ़ के उसका फायदा भी उठा चुके होंगे | यदि आप पहली बार हमारी वेबसाइट पर आये हो तो यहा पढ़े – वाजीकरण नुस्खे

डॉ. रामहरि मीना ( Dr.Ramhari Meena )

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