श्वेत प्रदर ( white discharge ) कारण लक्षण प्रकार, बचाव व इलाज

White Discharge in hindi

श्वेत प्रदर क्या है (What is white discharge in hindi)

महिलाओ के योनी मार्ग से निकलने वाले सफेद रंग के कफज स्त्राव को ही श्वेत प्रदर या सफेद पानी (White Discharge) कहा जाता है |

White Discharge in hindi
White Discharge in hindi

वर्तमान समय में महिलाओ की बड़ी समस्या के रूप में सामने आने वाली समस्या बन चुकी है श्वेत प्रदर जिसको ल्यूकोरिया, सफेद पानी, असृग्दर, सफेद पैर आदि विभिन्न नामों से पुकारा जाता है व्हाइट डिस्चार्ज कोई स्वतंत्र रोग या बीमारी नही है अपितु यह शरीर में होने वाले हार्मोनल असंतुलन के लक्षण मात्र ही है किन्तु जानकारी के आभाव में इसकी विभिन्न भ्रान्तिया फैली हुई है
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व्हाइट डिस्चार्ज / लिकोरिया की पहचान (Recognise of white discharge in hindi)

महिलाओ में मासिकधर्म से पहले और बाद में योनी मार्ग से निकलने वाला सफेद रंग का पदार्थ को व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) जान लेना सेक्सुअल एजुकेशन की कमी के कारण होता है | जबकि मासिकधर्म से कुछ दिन पहले और कुछ दिन बाद तक योनी से सफेद रंग का जो चिपचिपा द्रव निकलता है | यह सामन्य प्रक्रिया होती है किन्तु जब यह सफेद रंग का द्रव अपने वास्तविक स्वरूप से असामन्य आने लगे या यु कहें की अधिक दिनों तक बहने लगे साथ ही इसका रंग पीला, नीला या और किसी रंग का दिखाई देने लगे और यह चिपचिपा सफेद द्रव जब कपड़ो से आसानी से साफ़ नही हो तो शीघ्र ही आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लेना समझदारी होगी |

श्वेत प्रदर के भेद (Types of white discharge in hindi)

महिलाओ के प्राइवेट पार्ट से निकलने वाले सफेद रंग के द्रव के आयुर्वेद शास्त्रों में 4 प्रकार बताये गये है | जो इस प्रकार है –

  1. गर्भाशयज श्वेत प्रदर :-

गर्भाशयज श्वेतप्रदर में योनिमार्ग से निकलने वाले  चिपचिपे पदार्थ का रंग हल्का रक्ताभ वर्ण लिए हुए पुयमिश्रित होता है | यह मुख्त्य: गर्भावस्था के समय अधिक होने की सम्भावना रहती है |

  • योनिज श्वेत प्रदर

श्वेतप्रदर का यह प्रकार मुख्यतः अविवाहित बालिकाओ में देखी जाती है | इस प्रकार के व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) में योनिमार्ग से निकलने वाले स्त्राव का रंग सफेद रंग का गाढ़ा क्रीम जैसा पुययुक्त स्त्राव होता है जिसे योनिज श्वेतप्रदर कहा जाता है |

  • ग्रैवीय श्वेतप्रदर :-

जब किसी महिला के योनिमार्ग से गाढ़ा चिपचिपा, अंडे की जर्दी के सदृश्य पदार्थ निकलता है उसे ग्रैवीय श्वेतप्रदर कहा जाता है |

  • भगज श्वेतप्रदर

जब योनिमार्ग से निकलने वाले स्त्राव में मछली जैसी दुर्गन्ध आती हो | इस प्रकार का स्त्राव मुखत: कम उम्र की बालिकाओ में तथा अधिक उम्र की महिलाओ में पाया जाता है |

ल्यूकोरिया के कारण (causes of white discharge in hindi)

श्वेतप्रदर  के प्रमुख कारण इस प्रकार है –

  1. महिलाओ द्वारा अपने प्रजनांगो की सफाई ठीक प्रकार से नही करना
  2. मानसिक विकारो के कारण
  3. असंतुलित दिनचर्या के कारण
  4. असंतुलित खानपान से
  5. अंत:स्त्रावी ग्रन्थियो की विकृति के कारण
  6. मनोवैज्ञानिक कारण जब किसी व्यक्तिगत या पारिवारिक समस्या के चलते लगातार तनाव में रहना सबसे बड़ा कारण होता है |
  7. कामवासना के प्रति अत्यधिक मोहित होना
  8. उत्तेजक औषधियों का अधिक सेवन करना
  9. पुरानी खांसी, श्वास रोग, कृमि , पांडू, मधुमेह आदि से लम्बे समय तक ग्रसित होना |
  10. ग्राभाश्य मुख की विकृति
  11. गर्भाशय में सूजन का होना
  12. मासिक धर्म की अनियमितता
  13. एक से अधिक सेक्स पार्टनर का होना
  14. बार बार गर्भपात होना

श्वेत प्रदर के लक्षण (symptoms of white discharge in hindi )

“संतापगर्भपतनातिमहाप्रसंगात | योंयां प्रवृत्तंमनृतावभिघाततो ||

रक्तं सरक्तंमनिलान्वितपित्तयुक्तं | स्त्रीणामसृग्दर इति प्रवदन्ति संत ||”

अर्थात स्त्रियों को संताप से गर्भपात , अधिक मैथुन करने , चोट लगने, ऋतूधर्म के अतिरिक्त रक्त , चिपचिपा सफेद रंग का द्रव्य योनी मार्ग से निकलता हो उसे असृग्दर या प्रदर रोग कहा जाता है |

  • शारिरिक दुर्बलता
  • आलस्य
  • चिडचिडा स्वभाव होना
  • जंघाओ में भारीपन रहना
  • कमर में दर्द होना
  • योनी मार्ग से बदबूदार सफेद रंग का चिपचिपा पदार्थ का निकलना
  • सिर दर्द होते रहना
  • खाना खाने में अरुचि होना
  • चक्कर आना
  • कब्ज से मलावरोध होना
  • बार बार मूत्र त्याग के लिए जाना
  • बुखार होने पर तापमान का बहुत अधिक बढ़ जाना
  • थोड़े शारिरिक श्रम के बाद भी बहुत अधिक थकान का हो जाना
  • योनी का हमेशा ही गीलापन बना रहना

सफेद पानी से बचाव ( prevention of white discharge in hindi )

व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) की समस्या से बचे रहने के लिए अपनी दिनचर्या को संयमित बनाये रखना अत्यंत आवश्यक है | साथ ही अधिक से अधिक हरे पत्तेदार सब्जियों के सेवन पर अधिक ध्यान दे |

अपने गुप्तांगो की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखे | हिमोग्लोबिन की कमी भी व्हाइट डिस्चार्ज का कारण बनती है इस लिए बेहतर होगा की अपनी नियमित जांचे करवाते रहे और हिमोग्लोबिन के स्तर को सामान्य बनाये रखे | सफेद पानी की टेबलेट के बारे में यहाँ पढ़े |

सफेद पानी का घरेलू उपाय/ नुस्खे (Home Remedies for white discharge in hindi )

  • शीशम के पत्तो का रस 100 मिली की मात्रा में लेने से व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या में राहत मिलती है |
  • विष्णुक्रान्ता के पञ्चांग की चटनी बनाकर प्रात:काल सेवन करने से व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) के इलाज में उपयोगी साबित होता है |
  • गोखरू की जड़, आवला, अशोक छाल का पाउडर चावल के धोवन से लेने पर रोग में आराम मिलता है |
  •  अपामार्ग की जड़ को दूध के साथ मावा बनाकर सेवन करने से व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) की समस्या से छुटकारा  मिलने की सम्भावना रहती है |
  • टमाटर, पालक, सिंघाड़ा , गोभी, गुलर, आवले, भिण्डी, केला आदि का भरपूर मात्रा में सेवन करे |
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ल्यूकोरिया (सफेद पानी) की आयुर्वेदिक दवा ( Treatment of white discharge in hindi )

व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) में उपयोगी महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधिया – जिनका उपयोग सफेद पानी की समस्या से छुटकारा दिलाने में लाभदयक सिद्ध होती हा पुष्यानुग चूर्ण, धातक्यादी चूर्ण, चन्दनादी चूर्ण, वंग भस्म, त्रिवंग भस्म, प्रवाल भस्म, प्रवाल पिष्टी , स्वर्ण वंग भस्म, गोदंती भस्म, कुकुटान्डत्वक, मुक्ताशुक्ति भस्म, प्रदरान्तक लोह, प्रदरान्तक रस, शिलाजित्वादी लौह, चंद्रकला रस, कामदुधा रस, लक्ष्मणा लौह, प्रदरारी लौह, अशोकारिष्ट, शीतकल्याण घृत, फल कल्याण घृत, कुमार्यासव, पत्रांगासव, उशीरासव, अशोक घृत, शतावरी घृत, चन्द्रप्रभावटी, दार्व्यादी क्वाथ, आदि आयुर्वेदिक ओषधियों का सेवन किसी आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श के उपरांत उपयोग करने से आप इस समस्या से निश्चित ही छुटकारा पा लोगी|

ल्यूकोरिया के लिए योग (yoga for white discharge in hindi )

  • योनी मुद्रा
  • शीतली
  • गर्भासन
  • गोमुखासन
  • भुजंगासन
  • हलासन
  • योगनिद्रा
  • कपालभाती
  • नाड़ीशोधन
  • आदि का किसी योग प्रशिक्षक की देखरेख में अभ्यास करने से (White Discharge)  की समस्या से अल्प समय में ही आराम मिल जाता है |

किसी भी ल्यूकोरिया की आयुर्वेदिक दवा का स्तेमाल चिकित्सक के परामर्श से ही करे |

धन्यवाद !

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