बांझपन परिभाषा कारण लक्षण व आयुर्वेद इलाज

बांझपन infertility

बांझपन का अर्थ व परिभाषा

बन्धत्व का अर्थ होता है जब कोई स्त्री और पुरुष शादी के बाद एक वर्ष से अधिक बच्चे की योजना के साथ सम्भोग करे किन्तु स्त्री गर्भ धारण नही कर पाती है ऐसी स्थिति को बांझपन (infertility) कहा जाता है | बांझपन को बंधत्व, बन्ध्या, इनफर्टिलिटी (infertility) आदि नामों से जाना जाता है | वर्तमान समय में बांझपन की समस्या विकराल रूप धारण करती हुई नजर आ रही है जिसका कारण भी इन्सान स्वम् ही है |

बांझपन (infertility)
बांझपन (infertility)

वर्तमान समय में इन्सान आधुनिकता की दौड़ मे भागे चले जा रहा है और पृकृति से दूर भागता जा रहा है इसी का दुष्परिणाम है बंधत्व अर्थात बांझपन |

बांझपन का अर्थ :- अर्थात बंजड भूमि अर्थात किसी प्रकार के पोधो के विकास लिए अनुपयोगी भूमि ठीक वैसे ही गर्भाशय में किसी प्रकार की समस्या होने पर गर्भ का नही ठहर पाना ही बांझपन है |

इनफर्टिलिटी के प्रकार (Types of Infertility In Hindi )

  1. प्राथमिक बंधत्व (Primary infertrility) :- जब महिला पुरुष संतानोत्पत्ति की कामना से सम्बन्ध बनाने के बाद भी स्त्री कभी गर्भ धारण नही करती है उसे प्राथमिक बांझपन कहा जाता है | आयुर्वेद में इसे आदि बन्ध्या के नाम से जाना जाता है |
  2. द्वितीयक बंधत्व (Secondry Infertility) :- जब स्त्री पुरुष सम्बन्ध बनाने के बाद एक बार गर्भधारण हो जाता है | गर्भ धारण के बाद गर्भपात हो जाता है या बच्चा जन्म लले लेता है किन्तु दूसरी बार गर्भ धारण नही हो पाता हो ऐसी स्त्री को द्वितीयक बांझपन कहा जाता है | आयुर्वेद शास्त्रों में इसे काकबन्ध्या कहा गया है |

आयुर्वेद मतानुसार ब्न्धत्व के 9 प्रकारो का वर्णन किया गया है –

  1. आदिबंध्या – पूर्व जन्म में किये गये पापो की सजा के रूप में उन्हें भोगना |
  2. वातबन्ध्या– वात दोष के प्रकुपित होने से डीम्बाणु के दूषित होने से होने वाला बांझपन |
  3. पित्तबन्ध्या – पित्त दोष के दूषित होने से होने वाला बंधत्व |
  4. कफ बन्ध्या– कफ दोष के कारण होने वाला बांझपन |
  5. रक्तबन्ध्या – दूषित हुए रक्त से होने वाला बांझपन |
  6. त्रिदोष बन्ध्या – त्रिदोषो के प्रकुपित होने से होने वाला बांझपन |
  7. दैव बल बन्ध्या – भूत प्रेतादी के कारण बन्ध्या |
  8. गृह दोष बन्ध्या – नौ ग्रहों के कारण बांझपन |
  9. आर्त पुरुष अपचारजन्य बांझपन– गुरुजन आदि के अपमान के कारण होने वाला बांझपन |

बांझपन के कारण ( Causes of Infertility In Hindi )

गर्भ धारण करना एक जटिल प्रक्रिया होती है | जिसमे सबसे आवश्यक होता है | पुरुष के शुक्राणु व् स्त्री के डिम्बाणु का आपस में सही तरीके से बिना किसी अडचन के निषेचन हो जाना | शुक्राणु के योनी में स्खलित होने के बाद डिम्बवाहिनी तक पहुंच कर डिम्बाणु तक बिना किसी बाधा के पहुंच कर गर्भ धारण की क्रियाशीलता की शुरुआत हो जाती है किन्तु जब शुक्राणु और डिम्बाणु पूर्ण परिपक्व और क्रियाशील नही होते है ऐसी स्थिति में गर्भ धारण करना संभव नही हो सकता है |

https://youtu.be/6W88dvMc7LM

हमारे पुरुष प्रधान समाज में महिलाओ को ही बांझपन का कारण माना जाता है किन्तु महिला ही नही अपितु पुरुष की असामान्यता के कारण भी बांझपन होता है | विटामिन डी की कमी भी बांझपन का कारण बन सकती है |

स्त्रियो के बांझपन के कारण ( Causes of Male Infertility IN hindi )

  • गर्भाशय में शुक्र का नही पहुंचना
  • योनी मार्ग में अत्यधिक संकीर्णता अर्थात योनी मार्ग अत्यंत छोटा होना या खिंचावयुक्त होना |
  • योनिशोथ
  • गर्भाशय मुख का टेड़ापन
  • योनिमार्ग में छेद नही होना
  • गर्भाशय की अनुपस्थिति
  • डिम्बग्रंथियों में पुराना सूजन का होना
  • गर्भाशय में आन्तरिक शोथ
  • योनी या योनिमार्ग में गांठ का होना
  • डिम्बग्रंथियों की अनुपस्थिति
  • सम्भोग के कुछ समय बाद ही योनी को साफ़ कर लेना
  • डिम्बग्रंथियों के विकार
  • पर्युदर्याशोथ (peritonitis)
  • डिम्बवाहिनियो का दबा होना
  • डिम्बवाहिनियो का अपने वास्तिक स्वरूप से खिसका हुआ होना   
  • सम्भोग के तुरन्त बाद खड़ा हो जाना
  • सम्भोग के तुरंत बाद शौचादि के लिए चले जाना 

पुरुषो में होने वाले बांझपन के कारण ( Causes of Male Infertility IN hindi )

  • अपुष्ट शुक्राणु होना
  • अधोमुत्र मार्ग
  • उर्ध्व मार्ग
  • वृषण का अपुष्ट होना
  • शुक्र मार्ग में सूजन होना
पुरुष बांझपन (male infertility)
पुरुष बांझपन (male infertility)
  • अधिवृषण में सूजन का होना
  • शुक्रवाहिनियो की असामान्यता
  • पुराना मधुमेह
  • सम्भोग की अज्ञानता
  • मोटापा होना
  • कुपोषण होना
  •  सम्भोग के समय गलत आसनों का प्रयोग

बांझपन के लक्षण ( Symptoms for Infertility IN hindi )

  • योनी में सूखापन
  • सम्भोग के समय में कमी होना
  • सोते समय पसीना अधिक आना
  • मासिकधर्म की अनियमितता
  • सम्भोग के प्रति उदासीनता
  •  

बांझपन का आयुर्वेद इलाज ( Ayurveda Treatment of Infertility IN hindi )

आयुर्वेद में किसी भी व्याधि का उपचार रोगी व्यक्ति के लक्षणों से नही बल्कि उसकी प्रकृति व् प्रकुपित दोषों के आधार पर किया जाता है | बांझपन के उपचार में आयुर्वेद का पंचकर्म चिकित्सा का अत्यंत प्रभावी परिणाम देखने को मिले है | पंचकर्म के माध्यम से शरीर का शोधन किया जाता है जिससे दोषों को साम्यावस्था में किया जाता है | उसके पश्च्यात आयुर्वेद औषधियों का सेवन करवाया जाता है | जिससे की सेवन करवाई हुई औषधियों का पूर्ण लाभ रोगी महिला को प्राप्त हो सके और उसको बांझपन जैसी समस्या से छुटकारा मिल सके |

बांझपन में उपयोगी पंचकर्म चिकित्सा ( Panchkarma for Infertility IN hindi )

पंचकर्म के द्वारा गर्भाशय का शोधन अर्थात गर्भाशय की सफाई की जाती है उसके बाद महत्वपूर्ण व् बांझपन में उपयोगी आयुर्वेद औषधियों का उपयोग करवाया जाता है जिससे इस समस्या से निज़ात मिलने की सम्भावना काफी हद तक बढ़ जाती है | आगे चर्चा करते है पंचकर्म की उन प्रक्रियाओ के बारे में जो बांझपन के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है |

  • वमन :- वमन कर्म के द्वारा रोगिणी महिला के बढ़े हुए कफ दोष को साम्यावस्था में लाया जाता है | गर्भाशय में बढ़े हुए कफ दोष ही सबसे बांझपन का सबसे बड़ा कारण बन रहा है | बढ़ा हुआ कफ शुक्र को गर्भाशय तक पहुंचने में बाधा उत्पन्न करता है जिसका उपचार वमन क्रिया द्वारा आसानी से हो जाता है |
  • विरेचन :- विरेचन के माध्यम से रोगिणी महिला के बढ़े हुए पित्त दोष को साम्यावस्था में लाया जाता है |
  • बांझपन का रामबाण इलाज – उत्तर बस्ति :- औषधीय घृत, कषाय , काढ़ा आदि को योनी मार्ग से गर्भाशय में डाला जाता है जो की गर्भाशय का शोधन करते हुए गर्भाशय में उपस्थित असामान्यताओ को ठीक करने में कारगर साबित होती है | उत्तर बस्ति से किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नही होता है |

महत्वपूर्ण आयुर्वेद औषधिया बांझपन में उपयोगी

शतावरी घृत, सोभाग्य सून्ठी घृत, फलत्रिक्यादी घृत, गर्भपाल रस, अभ्र लौह, स्त्री व्याधि हर रसायन, कांचनार गुग्गुल, सितोफलादी चूर्ण, अपामार्ग क्षार, अपामार्ग की जड़ का काढ़ा, लोध्रासव, कुमारीआसव, लोहासव, अशोकारिष्ट, पत्रांगासव आदि दवाओ का सेवन आयुर्वेद चिकित्सक की देखरेख में लेने से निश्चित ही बांझपन की समस्या से छुटकारा मिल सकता है |

बांझपन के लिए योग (Yoga for Infertility IN hindi )

  • सूर्यनमस्कार
  • मार्जरी आसन
  • व्याघ्रासन
  • गर्भासन
  • शलभासन
  • मंडूकासन
  • कुक्कुटासन
  • अश्वसंचलासन
  • अर्ध हलासन
  • हलासन
  • सर्वांगासन
  • कटिचक्रासन
  • त्रिकोणासन
  • सुप्त वज्रासन
  • कपालभाती
  • अनुलोम विलोम
  • भ्रामरी
  • खेचरी
  • शंखप्रक्षालन
  • मैडिटेशन

आदि के नियमित अभ्यास से बांझपन की समस्या से छुटकारा मिल सके |

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धन्यवाद !

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