सुवर्णप्राशन संस्कार क्या है, बनाने की विधि, फायदे व नुकसान

सुवर्ण प्राशन के फायदे

सुवर्णप्राशन संस्कार क्या है (What is suvarnprashan sanskar in hindi )

सुवर्णप्राशन हि एतत मेधाग्निबलवर्धनम्, आयुष्यं मंगलम् पुण्यं वृष्यं ग्रहापहम |

मासात् परममेधावी क्याधिभिर्न च धृष्यते, षडभिर्मासै: श्रुतधर: सुवर्णप्राशनाद भवेत् ||

अर्थात सुवर्णप्राशन मेधा, अग्नि और बल आदि को बढ़ाने वाला होता है | यह लम्बी आयु, चेहरे को तेज देने वाला, सभी पीड़ाओ का हरण करने वाला होता है | जिन बच्चो को पुष्य नक्षत्र में सुवर्णप्राशन का उपयोग करवाया जाता है उन बच्चो की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होकर उनकी शारिरिक व् मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है |

सुवर्णप्राशन एक विशेष प्रक्रिया होती है जो प्रशिक्षित व् अनुभवी वेधो द्वारा स्वर्ण भस्म व मेधा वर्द्धक औषधियों को मिलाकर तैयार की जाती है हजारो साल पहले इसे वर्तमान या आधुनिक चिकित्सा के वैक्सीन के समानांतर उपयोग करवाया जाता था जो बच्चो के सर्वांगींण विकास को बढ़ाने का कार्य करता था |

सुवर्णप्राशन कब और कैसे करे (When and how to do suvarnaprashan in hindi)

  • जन्म से लेकर 16 वर्ष तक के बच्चो को स्वर्ण प्राशन किया जाता है |
  • पुष्य नक्षत्र में चिकित्सकीय परामर्श के उपरांत सुवर्णप्राशन करवाना चाहिए |
  • सुवर्णप्राशन करवाने के आधा घंटे पहले और बाद तक कुछ भी खाने पिने को नही दे |
  • पुष्य नक्षत्र के दिन से लगातार 30 दिनों तक करवाया जा सकता है |

पुष्य नक्षत्र क्या है (What is pushynkshatr in hindi)

पुष्य का अर्थ है पोषण करने वाला जिससे उर्जा व् शक्ति व् उर्जा मिलती ही | पुष्य नक्षत्र को सुख समृधि का प्रतीक माना जाता है |जो भारतीय परम्परा के अनुसार मंगलकारी दिन माना जाता है | इसीलिए सुवर्णप्राशन पुष्य नक्षत्र में देना अधिक प्रभावकारी माना गया है |

सुवर्णप्राशन बनाने की विधि

  • स्वर्ण भस्म
  • शहद
  • गाय का घी
  • शंखपुष्पी
  • मुलैठी

आदि को उचित मात्रा में लेकर मधु के साथ मिलाकर अनुभवी वैधो द्वारा सुवर्णप्राशन ड्रॉप को तैयार किया जाता है |

सुवर्णप्राशन के फायदे (Benefits of suvarn prashan in hindi )

  • रोगप्रतिरोधक क्षमता वर्द्धक :- यह बच्चो की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा कर उनके शारिरिक व् मानसिक विकास में सुधार करता है |
  • बुद्धिवर्धक:- नियमित पुष्य नक्षत्र में सुवर्णप्राशन का सेवन करवाने से बच्चो में बुद्धि का विकास तेज होता है साथ ही याददास्त में सुधार होता है |
  • पाचन शक्तिवर्द्धक :- सुवर्णप्राशन के नियमित सेवन से अग्निवर्धन होती है जिससे बच्चो की पाचन शक्ति बढती है | अच्छे पाचन से बच्चो का शारिरिक विकास सही तरीके से होता है |
  • एलर्जी रोधक :- बच्चो के इम्मुन सिस्टम के कमजोर होने से बच्चे बार बार खांसी , झुकाम , दमा,खुजली , नजला आदि से परेशान होते रहते है | सुवर्णप्राशन से मोषमी बीमारियों से राहत मिलती है |
  • सुवर्णप्राशन का उपयोग करने वाले बच्चो का स्टेमिना शारीरक व् मानसिक बल उनके हम उम्र बच्चो से अधिक हो जाता है |
  • इसके सेवन से आयु के अनुसार वजन व् लम्बाई सही अनुपात में बढती है |

पुष्य नक्षत्र की तिथिया 2020 ( Pushynakshtr dates in 2020 in hindi)

पुष्य नक्षत्र 8 फरवरी 2020

पुष्य नक्षत्र 7 मार्च 2020

पुष्य नक्षत्र 3 अप्रैल 2020

पुष्य नक्षत्र 30 अप्रैल 2020

पुष्य नक्षत्र 27 मई 2020

सुवर्ण प्रशन तिथिया 2020

पुष्य नक्षत्र 24 जून 2020

पुष्य नक्षत्र 21 जुलाई 2020

पुष्य नक्षत्र 17 अगस्त 2020

पुष्य नक्षत्र 14 सितम्बर 2020

पुष्य नक्षत्र 11 अक्टूबर 2020

पुष्य नक्षत्र 8 नवम्बर 2020

                पुष्य नक्षत्र 5 दिसम्बर 2020

सुवर्णप्राशन के नुकसान (side effets of suvarn prashan in hindi )

स्वर्ण भस्म मुख्य घटक होता है जो हमारे शरीर के लिए लाभकारी होता है इस लिए एक कोई साइड इफ़ेक्ट नही होता है |

विशेष :- सुवर्णप्राशन करवाने से पूर्व किसी आयुर्वेद चिकित्सक से अपने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य करवाये |

धन्यवाद !

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